दोनों वर्ग के लोगों से बातचीत करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
Azamgarh News: आजमगढ़ के फूलपुर तहसील क्षेत्र के नेवादा शेखवलिया गांव में गुरुवार को एक महिला के शव को दफनाने के लिए दो वर्गों के बीच तनाव हो गया। विवाद बढ़ता इससे पहले ही प्रशासन और पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया और किसी भी अप्रिय घटना को टालते हुए स्थिति को शांत कर दिया।
विवाद का केंद्र ग्राम शेखवलिया था जो पुराने राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज बताया जाता रहा है लेकिन वर्तमान रिकॉर्ड में उसे ‘जंगल झाड़ी’ के रूप में दर्शाया गया है। इसी के लिए शव दफनाने को लेकर विरोध हुआ।
सुबह अरशद नामक व्यक्ति की माता के शव को विवादित भूमि पर दफनाने की तैयारी की जा रही थी, तभी दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताते हुए मौके पर विवाद खड़ा कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम अशोक कुमार, सीओ अनिल वर्मा, कोतवाल सच्चिदानंद सिंह और लेखपाल संतोष कुमार ने राजस्व अभिलेखों की जांच की इसमें जमीन को झाड़ी के रूप में दर्ज पाया गया।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकारी कब्रिस्तान में शव दफनाने का निर्देश दिया जिसे परिजनों ने मान लिया। दूसरी ओर प्रधान ओबैदुल्लाह और नसीम अहमद ने दावा किया कि न्यायालय के आदेशों के आधार पर यह भूमि कब्रिस्तान के रूप में उपयोग होती रही है लेकिन वर्तमान अभिलेखों से यह मेल नहीं खा रहा है।
एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर विवाद शांत कराया गया है। फिलहाल विवादित भूमि पर कोई गतिविधि नहीं होगी। मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।