अहरौला। नरसिंहपुर गौरी का पूरा गांव निवासी एलआईसी एजेंट की हत्या में नामजद आरोपियों को भी पुलिस नहीं पकड़ सकी है। पुलिस की चूक के चलते हुई इस घटना को दस दिन बीत चुके हैं लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
एलआईसी एजेंट 45 वर्षीय सुरेश विश्वकर्मा पुत्र रामजतन की लाश 17 जुलाई को गांव से कुछ दूरी पर स्थित तमसा नदी के किनारे मिली थी। सिर व शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे। दो दिनों पूर्व ही पड़ोस के गांव में बंधक बना कर उसकी पिटाई की गई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि समझौता कराने में ही जुटी रही। एसओ अहरौला व सीओ बूढ़नपुर को भी घटना की जानकारी थी लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। परिणाम यह हुआ कि 17 जुलाई की सुबह सुरेश की लाश गांव से दो किमी दूर तमसा नदी तट पर फेंकी मिली। बड़े पुत्र पवन ने घटना के बाबत आठ लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पड़ोसी गांव के प्रधान पति मनोज कुमार समेत आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। घटना को दस दिन बीत जाने के बाद भी एक भी नामजद आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। वहीं सीओ शीतला प्रसाद ने दावा किया था कि दो से तीन दिनों में सभी नामजद आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होंगे लेकिन अब तक एक भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न कर पाना पुलिस की लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। इसे लेकर परिजनों में आक्रोश है।