जिले में बृहस्पतिवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आसमान से बरस रही आग और चल रही गर्म हवाओं ने घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। भीषण गर्मी से सभी लोग बेहाल दिखे। अधिक भीड़ भाड़ वाले इलाके कलेक्ट्रेट, रोडवेज, रेलवे स्टेशन चौक आदि स्थानों पर सन्नाटा दिखा। बीते पांच जून को आसमान मे बादल छाए रहने से ऐसा लगा मानों अब मौसम सुहाना रहेगा, लेकिन हुआ उसका उल्टा। रात में ही बादल छट गए और अगले ही दिन पारा 42 डिग्री पर पहुंच गया। भीषण गर्मी और गर्म हवाओं ने सबका जीना मुहाल कर दिया है। बिजली कटने के बाद घरों में भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है। गांवों में तो लोग गर्मी से निजात पाने के लिए पेड़ों के छांव को सहारा ले हरे हैं। बृहस्पतिवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी से सामना करना पड़ा। बिना मुंह और सर ढके कोई घरों से बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझ रहा था। गर्म पछुआ हवाओं और बदन झुलसा देने वाली गर्मी से हर जनमानस के साथ ही पशु पक्षी भी परेशान हैं। जो लोग पैदल या फिर बाइक से किसी काम के लिए घरों से निकले तो वह अपने चेहरे को अच्छी तरह से ढके हुए थे, ताकि लू का असर न पड़े। दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक तो ऐसा लग रहा है कि सड़कों पर चलने वाला कोई नहीं है। इक्का दुक्का वाहन ही नजर आ रहे हैं। बीते मंगलवार व बुधवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस था लेकिन बृहस्पतिवार को एक डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोत्तरी हुई। गर्म पछुआ हवाएं इस कदर चल रही थी कि मानों पूरी शरीर ही सूख जा रहा हो।