लखनऊ कोर्ट में माफिया मुख्तार के शूटर जीवा की गोली मार कर हत्या के बाद से जनपद न्यायालय में ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जेल सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के साथ ही पीएसी अलर्ट मोड में रही। मुख्य गेट पर हर आने-जाने वालों की चेकिंग की जा रही थी। वहीं घटना को लेकर दिन पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। दीवानी न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन एसआई, 23 हेड कांस्टेबल समेत कुल 71 पुलिस कर्मियों की तैनाती है। इसके अलावा न्यायालय में एक पुलिस चौकी भी है, जिस पर एक एसआई व छह पुलिस कर्मी तैनात है। साथ ही पीएसपी की भी एक कंपनी परिसर में साल भर रहती है। बुधवार को लखनऊ कोर्ट में हुई घटना के बाद शासन ने सभी कचहरियों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। जिसे लेकर दीवानी न्यायालय में भी बृहस्पतिवार को सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। न्यायालय परिसर में प्रवेश के सभी नौ गेट पर पुलिस कर्मी जांच के बाद ही लोगों को परिसर में घुसने दे रहे थे। न्यायालय सुरक्षा देख रहे एसआई धनंजय प्रसाद ने बताया कि लखनऊ की घटना के बाद से न्यायालय सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी पूरी तरह से अलर्ट हैं। बिना जांच पड़ताल के किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व पीएसी के जवान पूरी तरह से तैयार है।