माहुल कस्बे में घर से असलहे के बल पर किशोरी के अपहरण के मामले में पीड़ित किशोरी के पिता आनन-फानन में मुंबई से फ्लाइट से आ कर न्याय के लिए थाने का चक्कर लगाते रहे। लेकिन अहरौला थाने की पुलिस मुकदमा दर्ज करना तो दूर पीड़ित की बात भी सुनने को तैयार नहीं थी। लेकिन 55 घंटे बाद अहरौला पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित की माने तो पुलिस के रवैए से निराश पीड़ित किशोरी के पिता सीधे 5 कालिदास मार्ग लखनऊ मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए और न्याय की उम्मीद लेकर वहां डटे रहे। लेकिन इत्तेफाक ही था कि वाराणसी में पीएम का कार्यक्रम होने के कारण मुख्यमंत्री वाराणसी के लिए निकल गए थे। जिससे निराश किशोरी के पिता कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से मिले। उनसे अपने सारे दुख-दर्द को बताया। थाने पर चक्कर लगाते लगाते थकने के बाद मुख्यमंत्री के शरण में आने की बात कही इस पर कैबिनेट मंत्री ने तुरंत एसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया। खुद पत्र लिखकर पीड़ित को हाथ देकर कप्तान के यहां भेजा। एसपी निर्देश पर अहरौला थाने की पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। बताते चलें कि बीते तीन सितंबर को माहुल कस्बे की एक किशोरी को माहुल नगर पंचायत में कुछ लोगों द्वारा असलहे के बल पर तीन सितंबर को रात नौ बजे चार लोगों ने अगवा कर लिया था। परिजनों ने मुंबई में रह रहे किशोरी के पिता को इस बात की सूचना दी जिसके बाद आनन-फानन में मुंबई से किशोरी के पिता अमित फ्लाइट से माहुल अपने घर पहुंचे। घर पहुंचने के बाद उन्होंने पुत्री के अपहरण की सूचना लिखित तहरीर के रूप में अहरौला पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की। वह कई दिन तक थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कासिम लखनऊ मुख्यमंत्री से मिलने के लिए निकल पड़े। जहां कैबिनेट मंत्री से मुलाकात हुई और उनके निर्देश पर पुलिस ने चार लोगों सारिक, जाहिद खान, अफजाल निवासी माहुल नगर पंचायत और माजिद मसूरिया गांव निवासी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवार को माहुल से ही किशोरी को बरामद किया गया है। अभी कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं है लड़की के मजिस्ट्रेटी बयान के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।