अंबारी (आजमगढ़)। दीदारगंज थाना क्षेत्र के बिहटा गांव निवासी आदर्श (13) की सोमवार को मौत हो गई। आदर्श को 24 अगस्त को सियार ने काट लिया था। इलाज में लापरवाही के आरोप में नाराज ग्रामीणों ने गद्दोपुर बाजार में सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। एक घंटे बाद प्रशासन की समझाने के बाद जाम समाप्त हो सका।
ग्रामीणों के अनुसार बिहटा गांव निवासी आदर्श पुत्र मोहन को सियार ने काट लिया था। परिजन ने गद्दोपुर स्थित निजी चिकित्सक के पास इलाज कराने ले गए थे। जहां डाॅक्टर ने एक टिटनेस और एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया था। तीन दिन बाद चिकित्सक ने बुलाया था, लेकिन ये लोग नहीं पहुंचे।
कुछ दिन पहले हालत बिगड़ने पर पहले फूलपुर, फिर जिला अस्पताल और बाद में वाराणसी रेफर किया गया। लेकिन परिजन लखनऊ में निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसने इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। सोमवार सुबह आदर्श की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सुबह नौ बजे गद्दोपुर बाजार में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया। इसके बाद निजी चिकित्सक दुकान बंद कर भाग गया।
मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष दीदारगंज राकेश कुमार सिंह, सीओ फूलपुर किरण पाल सिंह और एसडीएम अशोक कुमार ने समझा कर एक घंटे बाद जाम समाप्त कराया। आदर्श तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और कक्षा चार का छात्र था। फूलपुर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. शशिकांत ने बताया कि रैबीज का असर तीन से चार महीने में होता है। इसमें पीड़ित पानी को देखकर डरता है और कुत्ते की तरह व्यवहार करता है।