आजमगढ़। शहर क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का विशेष अभियान मंगलवार से शुरू कर दिया गया। नपा प्रशासन इसके लिए मथुरा से मंकी कैचर की टीम बुलाया है। जो बंदरों को बिना किसी तरह का नुकसान पहुंचाए धर पकड़ की कवायद में लगे हैं। पहले ही दिन 100 से अधिक बंदरों को पकड़ा गया। जिन्हें जंगल में छोड़वाया जाएगा।
नगर पालिका क्षेत्र में बंदरों का आतंक काफी समय से है। बंदरों के आतंक से मुक्ति के लिए शहरवासियों ने कई बार नपा प्रशासन के साथ ही मंडलायुक्त तक से गुहार लगाई थी। जिसे संज्ञान में लेते हुए नपा प्रशासन ने बंदरों के आतंक से शहरवासियों को मुक्ति दिलाने के लिए मथुरा जिले से मंकी कैचर टीम को बुलाया है। माजिद अली के नेतृत्व में आयी टीम ने मंगलवार से शहर में बंदर पकड़ो अभियान की शुरूआत की। इसके तहत सबसे पहले कोर्ट परिसर से बंदरों को पकड़ने की कवायद शुरू की गई। पहले ही दिन करीब 100 बंदरों को पकड़ा गया।
चेयरमैन सरफराज आलम ने बताया कि काफी दिनों से शहर वासियों की यह मांग थी। जिसके लिए मथुरा से टीम बुलायी गई है। दो हजार बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आतंक से परेशान कई लोगों ने घरों को ही बना लिया पिजड़ा
आजमगढ़। बंदरों के आतंक का आलम यह है कि लोगों ने अपने घरों को ही पिजड़े में तब्दील कर दिया है। बंदरों की यह टोली लोगों के घरों के छतों, बारजों आदि में पहुंच कर काफी नुकसान पहुंचाते हैं। बागवानी का शौक रखने वालों के लिए तो यह एक बड़ी समस्या बन गए हैं।
कलेक्ट्रेट व सिविल लाइंस क्षेत्र में सर्वाधिक आतंक
आजमगढ़। शहर के कलेक्ट्रेट व सिविल लाइंस क्षेत्र में तो बंदरों का सर्वाधिक आतंक है। राह चलते लोगाें के झोले छीन ले जाना आम बात सी हो गई है। आए दिन किसी न किसी का झोला बंदर छीन कर फाड़ देते थे। जिससे संबंधित व्यक्ति के जरूरी कागजात आदि को नुकसान पहुंचता था।
मथुरा से पांच सदस्यीय मंकी कैचर टीम बुलाई गई है। फिलहाल दो हजार बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल पकड़ने की कवायद चल रही है और छोड़े जाने को लेकर स्थान पर विचार हो रहा है। वैसे महराजगंज जिले में स्थित जंगल पर पकड़े गए बंदरों को छोड़वाया जा सकता है। - राहुल यादव, प्रभारी ईओ, नगर पालिका परिषद आजमगढ़।