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शासन से पहुंची टीम, विवि निर्माण पर हुआ मंथन

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मोहब्बतपुर में विश्वविद्यालय निर्माण स्थल का निरीक्षण करते अधिकारी। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़/सठियांव। राज्य विश्वविद्यालय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर फंसे पेच को सुलझाने के लिए शनिवार को शासन की टीम ने सदर तहसील के मोहब्बतपुर का दौरा किया। प्रथम चरण के कार्यों की लागत कम करने के मुद्दों पर विचार किया। टीम के सदस्यों ने जिलाधिकारी राजेश कुमार से उनके कैंप कार्यालय पर मुलाकात की और डीपीआर को संशोधित कर शासन को भेजने पर विचार किया।
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मोहब्बतपुर में बनने वाले राज्य विश्वविद्यालय के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड ने 560 करोड़ की डीपीआर तैयार की है। काम को दो चरण में बांटा गया है। पहले चरण में 285 करोड़ के कार्यों कराए जाएंगे। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा चुका है। शासन ने डीपीआर की रकम कम करने को कहा था। विभागीय सूत्रों के अनुसार पहले फेज में 100 करोड़ के आसपास धनराशि खर्च करना चाहती है। विश्वविद्यालय की भूमि तमसा नदी के किनारे हैं। डीपीआर में मिट्टी की भराई और बंधे के कार्य को शामिल किया गया है। शासन इन कार्यों पर आपत्ति है। स्थानीय स्तर पर भी इसके लिए अधिकारियों की कमेटी बनाने के साथ शासन से विशेष सचिव उच्च शिक्षा योगेंद्र त्रिपाठी, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी रमाशंकर चौधरी, मुख्य अभियंता सिंचाई और पूविवि के रजिस्ट्रार डॉ. बीएम सिंह को भी जिम्मा सौंपा है। टीम ने शनिवार विश्वविद्यालय निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। तटबंध आदि के बारे में जानकारी ली। इसके बाद जिलाधिकारी से मुलाकात के लिए कैंप कार्यालय पहुंचे। डीपीआर को लेकर काफी देर तक मंथन होता रहा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश वर्मा ने बताया कि विवि की डीपीआर की जांच के लिए शासन से टीम गठित की गई है। लागत पर मंथन हो रहा है। कम लागत में सभी और अच्छी व्यवस्थाएं देने की योजना है। निर्माण खंड के एक्सईएन राकेश वर्मा, सहायक अभियंता अभय यादव, जेई कुतुबुद्दीन, आफ़ताब आलम, शशिकांत राव, लेखपाल लालता यादव सहित मौजूद रहे।
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