बीएलओ की ड्यूटी से इंकार पर बिना स्पष्टीकरण लिए नगर क्षेत्र की चार शिक्षिकाओं के निलंबन के विरोध में बुधवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने बड़ादेव स्थित नर्सरी विद्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। साथ ही निलंबन वापस न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष अनीता साइलेस ने तत्कालीन मुख्य सचिव जविद उस्मानी, उत्तर प्रदेश शासन के आदेश तीन सितंबर 2012 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011 के प्रावधानों में दी गई व्यवस्था के अनुसार परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी दशकीय आबादी जनगणना, आपदा राहत कर्तव्य अथवा संसद, राज्य विधान मंडल या स्थानीय निकाय निर्वाचन कर्तव्यों से इतर हो किसी अन्य गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाई जाएगी।
इस संबंध में उच्च न्यायालय में योजित जनहित याचिका संख्या 11028ध/2015 के अंतिम आदेश में स्पष्ट रुप से आदेशित किया है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेना विधि सम्मत नहीं है।
कहा कि जुलाई में शिक्षकों को निलंबित कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जनपद की शिक्षा गुणवत्ता को प्रभावित करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उक्त शिक्षिकाओं का निलंबन वापस नहीं होता है तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। धरने का संचालन अंबरीष श्रीवास्तव ने किया।
धरने में अतुल कुमार सिंह, राकेश मणि त्रिपाठी, कृष्णकांत उपाध्याय, मनोज कुमार त्रिपाठी, आशुतोश सिंह, उमेश चंद्र राय, धनंजय मिश्र, कुसुम श्रीवास्तव, दुर्गावती यादव, रीता सिंह, आयशा खातून, इशरत अंसारी, नूरजहां बेगम, रेहाना, शालिनी वर्मा, आमिना खातून, रेनू यादव, सरिता आदि मौजूद रहीं।