आजमगढ़ के मेंहनगर विकास खंड स्थित कुसमुलिया गांव में विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए बुधवार को एडीएम प्रशासन दोपहर बाद जा धमके। इस दौरान उन्होंने गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक से 19 का पहाड़ा पूछा। शिक्षक के पहाड़ा न सुनाने पर उन्होंने उसके अंकपत्रों की जांच का निर्देश दिया।
मेंहनगर विकास खंड के कुसमुलिया गांव में विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी सबसे पहले गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे। जहां उन्होंने विद्यालय की छात्राओं से 17 का पहाड़ा पूछा।
कोई भी बच्चा पहाड़ा नहीं सुना। तब उन्होंने गणित पढ़ाने वाले अध्यापक के बारे में पूछा तो वहां मौजूद अध्यापक भवरनाथ सोनकर ने गणित पढ़ाने की बात कही। उन्होंने अध्यापक को 17 का पहाड़ा सुनाने को कहा लेकिन शिक्षक ने सीधे पहाड़ा न आने की बात कही।
उन्होंने विद्यालय के अध्यापकों से 17, 18 और 19 में से किसी का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा। अध्यापिका उषा यादव ने पहाड़ा सुनाने का प्रयास किया लेकिन नहीं सुना पाई। तब एडीएम ने अध्यापक सोनकर से बच्चों के ड्रेस का रंग पूछा लेकिन वह भी नहीं बता सके।
इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए उनके अंकपत्र की जांच करने का निर्देश दिया। अवकाश रजिस्टर के अवलोकन में उन्होंने पाया कि अध्यापकों ने अवकाश का प्रार्थना पत्र तो लिखकर रजिस्टर में रखा है लेकिन उस पर तारीख नहीं डाली गई है।
उन्होंने छात्रों और अध्यापकों से विद्यालय में लिखे स्लोगन एक बनो नेक बनो का अर्थ पूछा लेकिन कोई भी नहीं बता सका। इसके बाद उन्होंने गांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण में बीडीओ के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताई।
वरासत संबंधी अभिलेखों में गड़बड़ी किमलने पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को फटकार लगाई। विधवा और वृद्घा पेंशन के पात्र लाभार्थियों को पेंशन से वंचित पाकर ग्राम पंचायत की बैठक कर उन्हें योजना का लाभ देने का निर्देश दिया।