मंडलीय अस्पताल में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
बलरामपुर। मौसम में बदलाव से सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ ही ईयर कंजेशन (कान बंद होने) के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। मंडलीय जिला अस्पताल के नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ के पास रोज औसतन 150 मरीज इस समस्या के पहुंच रहे हैं। इसमें से 12 से 15 लोग सर्दी-जुकाम से कान की समस्या से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
मौसम में हो रहे बदलाव के साथ जिले में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही कान बंद होना (ईयर कंजेशन) और दर्द जैसी समस्याएं भी लोगों को परेशान कर रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जुकाम को हल्के में न लेने की सलाह दी है, क्योंकि इससे कान से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मंडलीय जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आरके पासवान के अनुसार, इन दिनों ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 से 110 मरीज पहुंच रहे हैं।
इनमें 5 से 6 मरीज रोजाना कान में दर्द या रिसाव की शिकायत लेकर आते हैं, जबकि 12 से 15 मरीज सर्दी-जुकाम के कारण उत्पन्न कान संबंधी समस्याओं से ग्रसित मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्दी-जुकाम के दौरान नाक और गले में सूजन तथा बलगम जमा हो जाने से यूस्टेशियन ट्यूब प्रभावित हो जाती है।