इन मदरसों के अलावा 72 मदरसे ऐसे पाए गए, जिनको नियमों को ताक पर रखकर मान्यता दी गई थी। एसआईटी ने इसमें विभाग के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई थी। नवंबर 2022 में एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने फर्जी मदरसा संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति भी कर दी थी, लेकिन फर्जी मदरसा संचालकों पर मुकदमा दर्ज कौन कराएगा।
इस संबंध में शासन स्तर से कोई पत्र न आने से मामला रुका हुआ था। शासन से निर्देश के बाद अब एसआईटी ने फर्जी मदरसा संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए शुक्रवार देर शाम तक 220 फर्जी मदरसा संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर तैयार कर किया। शुक्रवार को रात होने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं हो सका।