आजमगढ़। श्रम कानून के निलंबन व काम के घंटे आठ के बजाय 12 करने के फैसले का विरोध भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। मोदी-कॉरपोरेट गठजोड़ के मजदूरों पर हमले के खिलाफ एआईसीसीटीयू (एक्टू) के राष्ट्रीय प्रतिवाद दिवस के समर्थन में अखिल भारतीय किसान महासभा, खेग्रामस और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने अपने घरों में धरना दिया।
किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण ने कहा कि महामारी के बहाने उत्तर प्रदेश व अन्य राज्य की सरकारें श्रमिकों के अधिकारों पर हमला कर उन्हें गुलाम बनाने की साजिश कर रही हैं। इस अवसर पर पूंजी की कत्लगाह में मजदूरों का जनसंहार नहीं सहेंगे, मालिकों को आजादी, मजदूरों को गुलामी नहीं सहेंगे... आदि नारे बुलंद किए। राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र डीएम को भेजकर श्रम कानूनों के निलंबन का अध्यादेश रद्द करने, काम के घंटे 12 करने का फैसला वापस लेने और लॉकडाउन की आड़ में लोकतांत्रिक अधिकारों के खात्मे की साजिशों पर रोक लगाने की मांग की गई। इस दौरान बसंत, विनोद सिंह, राजेंद्र प्रसाद, राजेंद्र यादव, सुदर्शन, हरिचरन, रामजीत, निधि राय, बृजेश राय आदि लोगों ने अपने घरों में धरना दिया।