जिन पर आचार संहिता के पालन करवाने का दारोमदार, उन्हीं के चलते शुक्रवार हरैया ब्लॉक में बवाल होते-होते बचा। सपा प्रत्याशी पार्टी के एक नेता के वाहन में नामांकन करने आईं और वाहन समेत निषेध क्षेत्र में पहुंचीं। जब कि इसके पहले निर्दल प्रत्याशी के पहुंचने पर पुलिस ने वाहन रोक दिया था। इसके बाद निर्दल प्रत्याशी के समर्थक हंगामा करने लगे। पुलिस प्रशासन विरोधी नारे लगाने लगे। मामला बढ़ते देख एसओ ने स्थिति संभाला। एडीएम ने भी माना कि पुलिस की लापरवाही सामने आई है।
हरैया ब्लाॅक में निर्धारित समय पर नामांकन का कार्य शुरू हुआ था। लगभग 12 बजे निर्दल उम्मीदवार दुलारी देवी प्रस्तावक और समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचीं। उनके वाहन को पुलिस सड़क पर ही बैरिकेडिंग के पास रोक दी। इसके बाद वह समर्थकों के साथ पैदल ही नामांकन गईं। जैसे ही वह नामांकन कर बाहर निकलीं, निवर्तमान प्रमुख चंद्रशेखर यादव की गाड़ी में सपा प्रत्याशी भोलवा देवी और समर्थक वहां पहुंचे।
इस बार पुलिस ने वाहन अंदर जाने दिया और सपा समर्थक नारेबाजी करने लगे। फिर क्या था, दूसरे पक्ष के लोग भी नाराज हो गए और ब्लॉक की ओर जाने वाले रास्ते पर बनी बैरिकेडिंग के पास आकर नारेबाजी करने लगे। दोनों पक्ष आमने सामने हो गए, तभी नामांकन स्थल पर मौजूद रौनापार एसओ मिथिलेश कुमार मिश्र पहुंचे और लोगों को हटने का निर्देश दिया।
इसके बाद दुलारी पक्ष के लोगों ने निवर्तमान प्रमुख की गाड़ी अंदर जाने की बात पर नाराजगी जताई। एसओ ने बताया कि एक समर्थक चलने फिरने में असमर्थ था, इसलिए गाड़ी अंदर जाने दिया गया। एसओ ने दोनों पक्षों को वहां से हटाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
विकास खंड पर नामांकन का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम बृजेश कुमार ने कहा कि ब्लॉक के अंदर तक प्रत्याशी के वाहन का आना गलत है। यह पुलिस की लापरवाही से हुआ है लेकिन मतदान के दिन वह ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।