आजमगढ़। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत लॉकडाउन में आवेदन न के बराबर आए। खास बात ये कि जितने लोगों ने फार्म भरे थे, उसमें से लगभग 9799 निरस्त कर दिए गए। सूत्रों का कहना है कि मानक और नियमों की जानकारी नहीं होने से इनमें भारी त्रुटियां पाई गई थीं। हालांकि महिला कल्याण विभाग की ओर से इसके लिए लगातार प्रचार-प्रसार करने का दावा किया जा रहा है लेकिन ये तय है कि वो नागरिकों को समझाने में कामयाब नहीं हो पाए।
सरकार की इस वृहद योजना के माध्यम से बालिका के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहयोग करना है ताकि वह स्वावलंबी बन सकें। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल छह श्रेणियों में 15,401 आवेदन किए गए थे। इसमें से 9799 आवेदन सत्यापन में निरस्त कर दिए गए। ज्यादातर लोग जिनके तीन बच्चे थे और उनमें एक या दो बेटी थी, उन्होंने भी आवेदन कर दिया था। ऐसे में वे अपात्र पाए गए। वहीं 3111 आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। इनमें 2491 आवेदन स्वीकृत हैं। इनके खाते में जल्द धनराशि भेजी जाएगी। पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 35 हजार आवेदन आए थे। इसमें लगभग 11 आवेदकों को लाभ मिल चुका है। व्यापक प्रचार करने के बाद भी जागरूकता की कमी के कारण अपात्र आवेदन ज्यादा मिले हैं।