सठियांव। किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में 27 फरवरी से पेराई बंद हो जाएगी। जबकि गन्ना पेराई का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। 47 लाख 600 क्विंटल गन्ना पेराई के सापेक्ष मात्र 22 लाख 70 हजार छह क्विंटल ही पेराई की गई है। पेराई बंद होने की घोषण का किसान विरोध कर रहे।
सठियांव मिल प्रबंधन का कहना है कि पेराई सीजन का अंतिम चरण चल रहा है। मिल गेट को छोड़कर कुल 37 क्रय केंद्रों पर पहले ही पर्ची फ्री कर बंद करने की प्रक्रिया चल रही है। अब मिल गेट पर मैसेज देकर 27 फरवरी को पूर्ण रूप से पेराई समाप्त करने की घोषणा कर दी गई है। सर्वे के अनुसार आठ लाख क्विंटल गन्ना मिलने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन मात्र चार लाख क्विंटल गन्ना मिला। उधर, मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ. विनय प्रताप सिंह का कहना है कि क्षेत्र में गन्ना नहीं है। परिणामस्वरूप पेराई बंद करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 45 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया। इसकी तुलना में अब तक 22 लाख 70 हजार 600 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। वहीं, रानीपुर के किसान ढक्कू यादव, भुखराज, रमाकर राय आदि का कहना है कि अभी करीब 30 हजार क्विंटल गन्ना पेराई के लिए खेतों में पड़ा है। जिसकी छिलाई व लदाई के बाद दो दिन में मिल गेट पर तौल कराना संभव नहीं है। डायरेक्टर प्रतिनिधि कौशल कुमार सिंह ने भी आरोप लगाया कि जनवरी महीने में मिल गेट की पर्ची रोक कर सेंटर पर भेज दी गई। इससे यह समस्या पैदा हो रही है। उपसभापति पराग यादव ने कहा कि चीनी मिल बंद करने से पहले किसान प्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए थी। अभी क्षेत्र में गन्ना है, इसलिए मिल बंद नहीं होनी चाहिए।