आजमगढ़। नागरिक मंच के नेतृत्व में सोमवार को वामपंथी, जनवादी और छात्र संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जेएनयू में घुसकर छात्र-छात्राओं और प्रोफेसरों पर हमला कर घायल करने वालों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की। संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। नेताओं ने कहा कि जेएनयू जैसे शिक्षण संस्थान और लोकतांत्रिक संस्थान लगातार भाजपा के निशाने पर हैं। वह उन पर हमला करवा रही है। संगठनों ने मूकदर्शक पुलिस कर्मियों और हमलावरों के खिलाफ राष्ट्रपति से जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस अवसर पर कामरेड जय प्रकाश नारायण, कामरेड रवींद्रनाथ राय, संदीप, हरिकेश, प्रशांत, अवधेश, इंद्रजीत, ओम प्रकाश सिंह, रामायन, वेद प्रकाश उपाध्याय समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
वहीं जेएनयू में छात्र-छात्राओं और प्रोफेसरों पर हुए हमले के विरोध में डीएवी पीजी कालेज के छात्र नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों को सजा दिलाए जाने की मांग सरकार से की। छात्रनेताओं में दुर्गेश यादव, शुभम शुक्ला, शैलेश कुमार, सुनील कुमार, प्रांजल यादव, विशाल दुबे, शशि कुमार, प्रांजल राय, रितेश यादव, राकेश प्रजापति, रितुराज सिंह, अनूप राय, आदर्श पांडेय, मंजीत यादव, नितेश कुमार गुप्ता, अंकित कुमार आदि रहे।
जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तेज बहादुर यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में सोमवार को रैदोपुर स्थित गांधी प्रतिमा के पास जेएनयू में छात्र-छात्राओं और प्रोफेसर पर हुए हमले और फीस वृद्धि के विरोध में सत्याग्रह किया और रामधुन गाया। तेजबहादुर यादव ने कहा कि जेएनयू में फीस वृद्धि को लेकर छात्र-छात्रा शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान उनके ऊपर एवीवीपी द्वारा बाहर से बुलाए गए नकाबपोश बदमाशों से हमला करवाकर घायल कराया गया जिसमें गंभीर रुप से घायल 25 छात्र अस्पताल में भर्ती है। मौके पर उपस्थित रही पुलिस मुकदर्शक बनी रही। ओंकार पांडेय ने कहा कि जेएनयू में यह पहली घटना है कि छात्रों को मरवाने के लिए बाहर से गुंडे बुलाए गए। सरकार के ईशारे पर छात्रों के शांतिपूण्र आंदोलन को पुलिस कुचलने का काम कर रही है। इस मौके पर बृजेशनंदन पांडेय, पुनवासी प्रजापति, सुरेंद्र सिंह, अब्दुल रहमान, दिनेश यादव,राम अवध यादव, मुन्नू मौर्य, ताज मोहम्मद, शीला भारती, पुनीत राय, प्रदीप यादव, प्रमोद यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।