लालगंज के खनियरा में पिता से मोबाइल पर बात करती बेटी उजाला। संवाद
फूलपुर। तहसील क्षेत्र के मेजवां गांव के कमर अब्बास की बेटी सुबोही फातेमा भी युद्ध के बीच ईरान में फंसी है। इससे परिवार चिंतित है। सुबोही फातेमा की मां निशात ने बताया कि बेटी पिछले वर्ष दो मई को ईरान के कुम शहर में रहकर मौलवी की उच्च इस्लामी शिक्षा ले रही है। यह कोर्स पांच वर्ष का है। उन्होंने बताया कि कुम हमला प्रभावित क्षेत्र से काफी दूर है। अमेरिका-इस्रराइल के हमले की जानकारी मिलने के बाद परिवार चिंतित है। इसी दौरान बेटी से फोन पर बातकर परिजनों को उसकी कुशलक्षेम की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें कुछ राहत मिली। परिजनों ने बताया कि सुबोही ने जानकारी दी कि हमले के बाद से मदरसे में छुट्टी कर दी गई है और वह छात्रावास में अन्य छात्राओं के साथ सुरक्षित है। मदरसा प्रबंधन की ओर से छात्राओं के परिजनों से समय-समय पर बात कराई जा रही है।
पापा! घर चले आओ -लालगंज। तीन वर्षों से दुबई में रहे रहे खनियरा निवासी राजू कन्नौजिया की सलामती के लिए परिजन प्रार्थना कर रहे हैं। सोमवार को बेटी उजाला कन्नौजिया ने अपने पिता से वीडियो काॅलिंग पर बात की। पिता ने बताया कि यहां लोग डरे-सहमें जरूर हैं पर कोई खतरे की बात नहीं है। अन्य हिस्सों में मिसाइल गिरने की खबरें आ रही हैं पर यहां कोई दिक्कत नहीं है। बेटी से पिता से कहा कि पापा अगर फ्लाइट शुरू हो जा रही है तो चले आओ। संवाद
कुवैत में फंसे परशुराम, परिजन परेशान-देवगांव। थाना क्षेत्र के तिरौली गांव निवासी परशुराम चौहान कई वर्षों से कुवैत में रह रहे हैं। परशुराम के पिता लालचंद चौहान असम में रहकर अपना खुद का काम करते है। पत्नी पूनम ने बताया कि हमारी बात उनसे बराबर हो रही है और सब कुशल हैं। फोन किए थे, बताए कि कोई बात नहीं है। हम लोग ठीकठाक से हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। युद्ध को लेकर पूरा परिवार सहमा हुआ है। पत्नी को परशुराम ने बताया है कि कुवैत में कंपनी का काम बंद है। प्राइवेट घरों में चोरी-छिपके प्लंबरिंग आदि का काम किया जा रहा है। लगातार रह-रहकर धमाके की तेज आवाजें सुनाई दे रही हैं। संवाद