सरायमीर। स्थानीय थाना क्षेत्र के खरेवां गांव में आवंटित जमीन पर मुसहर समाज के लोगों का वर्षों से अवैध कब्जा है। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की तो आक्रोशित मुसहर समाज के लोगों ने राजस्व टीम पर पथराव कर दिया। सूचना पर एसडीएम और एसओ सरायमीर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो मामला शांत हुआ। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की।
खरेवां गांव में जिस जमीन पर मुसहरों का कब्जा है वह जमीन गांव के ही चनरू, राजेश, लल्लन, सुरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, धीरेंद्र यादव, विशाल आदि के नाम से सरकारी रिकार्ड में दर्ज है। 1976 में इन लोगों को यह जमीन आवंटित हुई थी। जिस पर कब्जा अब तक नहीं मिल सका था। जिसके चलते इन लोगों ने तहसील में इसकी शिकायत की थी। आवंटित जमीन पर अब तक कब्जा न मिलने की जानकारी पर तहसीलदार सर्वेश कुमार गौड़ शनिवार को जेसीबी व राजस्व विभाग की टीम के साथ अवैध कब्जा हटवाने पहुंच गए। जमीन पर कई मुसहर व वनवासी परिवार टीनशेड, छप्पर आदि डाल कर रहते है। जिस समय टीम पहुंची उस समय ज्यादातर परिवार काम पर निकल चुके थे। टीम ने मौके पर पहुंचते ही अवैध कब्जों को हटवाना शुरू कर दिया। आशियाना उजड़ने की जानकारी होते ही मुसहर व वनवासी समुदाय के लोग काम से लौट आए और राजस्व विभाग की टीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुसहरों ने राजस्व विभाग की टीम पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। स्थिति तो यह हो गई कि तहसीलदार को अपनी गाड़ी में बैठ कर भागना तक पड़ा। घटना की जानकारी होते ही एसडीएम राजीव रतन, एसओ सरायमीर अनिल सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। एसडीएम के समझाने पर मुसहर समाज के लोग शांत हुए। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने नए सिरे से नापी शुरू किया। देर शाम तक राजस्व विभाग की टीम के साथ ही ग्रामीण मौके पर जुटे रहे। वहीं इंस्पेक्टर सरायमीर अनिल कुमार सिंह ने किसी भी प्रकार के हमले से इंकार किया है।