जलकर और गृहकर के रुपये जमा नहीं कर रहे कई विभाग
लाखों बकाया फिर भी मेहरबानी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। नगरपालिका प्रशासन की ओर से जहां आमजन को छोटे से जल कर और ग़ृह कर के बकाए पर नोटिस जारी किया जाता है। वहीं सरकारी कार्यालयों पर उसकी मेहरबानी देखी जा सकती है। लाखों रुपये बकाया होने के बाद भी अभी तक नगरपालिका सरकारी कार्यालयों को नोटिस जारी करने की सिर्फ तैयारी में है।
एक तरफ कर्ज माफी को लेकर किसान खुदकुशी जैसे कदम उठा रहे हैं, वहीं नगरपालिका प्रशासन अपने कर्जे को वसूलने के प्रति उदासीन बना हुआ है। जिसका परिणाम है कि जनपद के कई सरकारी कार्यालयों पर नगरपालिका का लाखों रुपये बकाया है। यही नगरपालिका प्रशासन आम जनता को हजारों रुपये बकाया होने पर जलकर और गृहकर जमा करने की नोटिस जारी कर देता है। अगर सरकारी कार्यालयों पर जलकर के बकाए की स्थिति पर गौर करें तो कई विभाग ऐसे हैं जिनका बकाया देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने कई वर्षों से जलकर जमा ही नहीं किया। मार्च 2016 तक के आंकड़े देखें तो इसमें सबसे पहले बिजली विभाग का नाम आता है। विद्युत विभाग के ऊपर नगरपालिका का 84 लाख चार हजार रुपये बकाया है। दूसरे नंबर पर जिला चिकित्सालय है, जिस पर नगरपालिका का 16 लाख 24 हजार 240 रुपये का बकाया है। इसके अलावा छह ऐसे विभाग और हैं जिन पर नगरपालिका के जलकर का चार से पांच लाख रुपये बकाया है। कुल मिलाकर नगरपालिका का इन आठ सरकारी कार्यालयों पर एक करोड़ 18 लाख तीन हजार 292 रुपये का बकाया है। इतना बकाया होने के बाद नगरपालिका प्रशासन इन विभागों को नोटिस जारी करने की तैयारी में लगा है। अगर आम जनता का इतना बकाया होता तो नगरपालिका अब तक आरसी भी जारी कर चुकी होती।
बकाए से बन सकती है दो किमी सड़क
सरकारी विभागों पर नगरपालिका के जल कर का एक करोड़ 18 लाख तीन हजार 292 रुपये बकाया है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश की माने तो इन पैसों की वसूली होने पर नगरपालिका पांच फीट चौड़ी लगभग दो किमी से अधिक सड़क का निर्माण कर सकती है। स्टेशनरी के सामानों की खरीदारी भी हो सकती है।
इन विभागों पर बकाया
विद्युत विभाग 8404000
जिला अस्पताल 1624240
डाकघर 589920
सिंचाई विभाग 414612
आयकर विभाग 410400
जिला निर्वाचन कार्यालय 214800
दूरसंचार कार्यालय 122400
गांधी आश्रम मड़या 22920
(आंकड़े रुपये में)
नगरपालिका की ओर से अप्रैल के बाद नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाती है। जिन विभागों पर नगरपालिका का बकाया है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। नोटिस तैयार किया जा रहा है। जिन विभागों पर नगरपालिका का ज्यादा जल कर है, उनके खिलाफ आरसी जारी किया जाएगा।
- ओमप्रकाश, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका