आजमगढ़। जिला प्रशासन एवं सीआरसी गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में हरिऔध कला केंद्र में मंगलवार को दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए दो दिवसीय पर्पल मेला-2025 का शुभारंभ हुआ। डीएम रविंद्र कुमार ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन किया।
डीएम ने कहा कि सीआरसी के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे आयोजन न केवल उनके समावेशन में मदद करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी से उनका मनोबल भी बढ़ता है। दिव्यांगजन यदि उचित अवसर पाएं तो वे भी सामान्य व्यक्तियों की भांति समाज व देश की मुख्यधारा में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने लोगों से दिव्यांगों के साथ भेदभाव न करने की अपील की। साथ ही दिव्यांगों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि हर क्षेत्र में दिव्यांगजन अच्छा कार्य कर रहे हैं और ऊंचे पदों पर पहुंचे हैं। यह आयोजन उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा को मंच प्रदान करता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. हिमांशु शेखर झा, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने कहा कि गोरखपुर के बाद आजमगढ़ में पर्पल फेयर आयोजित कर उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को नई दिशा दी गई है। प्रदीप ए निदेशक, राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में संगीत महाविद्यालय, हरिहरपुर के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इसके बाद सीआरसी गोरखपुर के दृष्टि दिव्यांग कलाकार गोपाल भारती एंड टीम ने स्वागत गीत व जनजागरूकता गीत “हमहुं चली तुहुं चला सीआरसी में नमवां लिखाय लिहल जाय” की प्रस्तुति दी।
उत्पादों की लगी प्रदर्शनी
दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का डीएम सहित सभी अतिथियों ने अवलोकन किया और उनके कार्य की सराहना की। कार्यक्रम में बचपन डे केयर सेंटर, कैलाशी देवी शिक्षण संस्थान के दिव्यांग बच्चे, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राएं आदि रहे। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।