मुबारकपुर में हुई हत्या के आरोपी के बारे में जनकारी देते एसपी त्रिवेणी सिंह।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। मुबारकपुर थाने के मदारपुर बाजार में 19 अक्तूबर की रात फावड़े से हमलाकर साकिर और उसके पांच माह की बच्ची की हत्या और मां जैनब के हत्या का प्रयास करने वाला कोई और नहीं बल्कि साकिर का सौतेला पिता रमजान अली है। साक्ष्य और सबूत जुटाकर पुलिस ने सोमवार को बवाली मोड़ से रमजान अली को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक रमजान अली वाराणसी के लोहता थाने के महमूदपुर गांव का निवासी है। रमजान अली अपनी दूसरी शादी तीन बच्चों की मां आयशा खातून से की है। वह आयशा, उसके बच्चों और बहू के साथ मुबारकपुर थाने के मदारपुर बाजार में किराए का मकान लेकर रहता था। एसपी के मुताबिक रमजान अली मृत साकिर का सौतेला पिता था। बावजूद इसके साकिर अपने सौतेले पिता रमजान के वाराणसी में स्थित जमीन से हिस्सा मांग रहा था। इसके लिए वह अक्सर रमजान अली से झगड़ा करता था। कई बार रमजान को मार चुका था। साथ ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा था। साकिर की हरकतों से नाराज रमजान अली 19 अक्तूबर की रात को साकिर के कमरे में पहुंचा और फावड़े से हमलाकर साकिर और उसकी पत्नी जैनब को घायल कर दिया। छीनाझपटी के दौरान मासूम बच्ची को चोट लगने से उसकी मौत हो गई। सिर से अधिक खून बहने से साकिर की मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी जैनब का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मोबाइल चोरी के आरोप में भेजा गया जेल
मुबारकपुर थाने के मदारपुर बाजार में 19 अक्तूबर की रात साकिर और उसके पांच माह की बेटी की हत्या के मामले में साकिर की मां की तरफ से मुबारकपुर थाने के पुरासोफी गांव निवासी साकिर के दोस्त फरहान पुत्र नेसार अहमद और दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। हत्या का कारण मोबाइल का विवाद बताया गया। पुलिस ने फरहान के पास से चोरी की 19 मोबाइल बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान फरहान ने बताया कि वह साकिर का दोस्त था और उसके द्वारा चुराई गई मोबाइल बेचता था। एसपी ने बताया कि इस हत्या से फरहान का कोई लेनादेना नहीं था, इसलिए उसे चोरी की मोबाइल बरामद होने के मामले में चालान किया गया है।
जैनब की मदद के लिए बढ़े लोगों के हाथ
सौतेले ससुर रमजान अली द्वारा फावड़े के प्रहार से घायल हुई साकिर की पत्नी जैनब का शहर के लाइफ लाइन अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जैनब के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में अस्पताल के प्रबंधक डॉ. पीयूष सिंह ने इलाज के लिए जैनब को जितने दिन अस्पताल में रहना होगा, आपरेशन आदि के दौरान होने वाले खर्च उससे न लेने का ऐलान किया है। दवा का खर्च भी कम से कम लिया जाएगा। प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि अब तक पुलिस सभी के सहयोग से जैनब का इलाज करवा रही है। बसपा विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली की तरफ से सोमवार को 50 हजार रुपये दिया गया। शेष अन्य लोगों से संपर्क किया जा रहा है।