राज्य कर्मचारियों को केंद्रीयकर्मियों की तरह सारे भत्तों में समानता देने सहित दस सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया।
बाद में राज्य कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संयोजक रविंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि मांगें जब तक पूरी नहीं होती हैं, आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि काफी समय में राज्यकर्मियों की मांगें लंबित हैं।
इनमें प्रमुख रूप से नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी लागू करने, राज्य कर्मचारियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति करने,
मान्यता प्राप्त संगठनों के पदाधिकारियों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने की आदि की मांगें शामिल हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांगों के प्रति अविलंब सकारात्मक कदम उठाने की मांग की।
उधर, धरने के बाद राज्य कर्मचारियों ने रिक्शा स्टैंड से मशाल जुलूस निकाला। जुलूस कलेक्ट्रेट, रैदोपुर होते हुए सिधारी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। जहां राज्य कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर अनिल तिवारी, हरिहर सिंह, डीएन सिंह, हरि गोविंद सिंह, सूर्यदेव मिश्र, मनोज कुमार राय, ब्रह्मचारी राय, प्रभा सिंह, सुनीता सिंह, सुशील कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।