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Azamgarh News: ज्यादा देर तक स्क्रीन पर देखने से सूख रही है आंखों की नमी, 20 मरीज हर दिन आ रहे ओपीडी में

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मंडलीय जिला चिकित्सालय में मरीज के आंखों की जांच करते डॉ. रजनीश सेठ। संवाद
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आजमगढ़। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीनों के ज्यादा उपयोग से लोगों में आंख सूखने की समस्या बढ़ रही है। घंटों स्क्रीन पर देखने और पलक कम झपकाने से इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंडलीय अस्पताल में हर दिन 20 मरीज इस समस्या से पीड़ित होकर आ रहे हैं। मंडलीय जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश सेठ ने बताया कि ओपीडी में आने वाला हर चौथा मरीज इस समस्या से परेशान है। सबसे ज्यादा परेशान 15 से 35 साल लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई, मोबाइल गेमिंग और सोशल मीडिया पर लंबे समय तक सक्रिय रहना इसका मुख्य कारण है। सामान्यतः एक व्यक्ति एक मिनट में 12 से 15 बार पलक झपकाता है। इससे आंखों की सतह पर आंसुओं की पतली परत बनी रहती है, जो नमी और संक्रमण से बचाती है। स्क्रीन देखने के कारण पलक झपकाने की दर घटकर चार से पांच बार प्रति मिनट हो गई है। इस कारण आंखों की नमी कम हो गई है। इससे आंखों के सूखने की समस्या बढ़ गई है।
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क्या है आंख सूखने की समस्या
सूखी आंखों की समस्या आंखों में नमी की कमी से होती है। यह तब होता है जब आंखें पर्याप्त आंसू नहीं बना पातीं या आंसू जल्दी सूख जाते हैं। मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन के लगातार उपयोग से पलक कम झपकती है। इससे आंखों की प्राकृतिक नमी प्रभावित होती है। यह आंखों में जलन और सूखेपन का कारण बनती है।
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क्या है लक्षण

जलन, खुजली, सूखापन
किरकिरापन , लाल होना
ज्यादा पानी आना, धुंधला दिखना
बचाव के उपाय
स्क्रीन का सीमित उपयोग
नियमित अंतराल पर आंखों को आराम देना
पलक झपकाने की आदत अपनाएं
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