अहरौला/अतरौलिया। जर्जर अहरौला- कप्तानगंज का मुद्दा क्षेत्रीय सपा विधायक डाॅ. संग्राम यादव शुक्रवार को विस में दूसरी बार उठाए। वहीं, सरकार की तरफ से यह मार्ग प्रक्रिया में होने की बात कही गई। अतरौलिया विधायक डॉ संग्राम यादव दशकों से जर्जर अहरौला- कप्तानगंज मार्ग का मुद्दा पहली बार 11 अगस्त 2023 को विधानसभा में उठाया था।
इसके बाद तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने 14 सितंबर 2023 जवाब देते हुए बताया था कि अहरौला-कप्तानगंज मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
लोकसभा चुनाव के पहले मार्ग को बनाने के लिए टेंडर जारी किया गया लेकिन चुनाव बीतते ही टेंडर निरस्त कर दिया। विधायक ने कहा कि सड़क पर हर कदम पर गड्ढों में फंसने से आए दिन दुर्घटना हो रही है।
लोगों का चलना मुश्किल है, लेकिन सरकार की ओर से किया जा रहा दावा नाकाफी है। यह मार्ग एक तरफ पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को तो दूसरी तरफ एनएच 233 को जोड़ता है।
राजकीय महिला महाविद्यालय, पराग डेयरी, क़ृषि विज्ञान केंद्र भी इसी मार्ग में ही पड़ते हैं। आगे यही मार्ग दुर्वासा धाम और कल्होरा धाम को जोड़ता है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायक के सवाल को रिकॉर्ड पर लिया, इसका जवाब देते हुए सरकार की तरफ कहा गया कि अहरौला- कप्तानगंज व सिकंदरपुर-नरियाव मार्ग प्रक्रिया में है।