स रायमीर के नंदाव बाजार में हाथरस की मृतिका को न्याय दिलाने के लिए निकाला गया कैंडिल मार्च।
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लाटघाट। सोमवार की देर शाम कादीपुर गांव में सपा और बाल्मिकी समाज की ओर से कैंडिल मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान लोगों की पुलिस की कहासुनी होती रही। रौनापार के शाहिद तिराहे पर पहुंचकर कैंडिल मार्च जनसभा में तब्दील हो गया।
रौनापार थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव से समाजवादी कार्यकर्ता और बाल्मिकी समाज के लोग कैंडल मार्च लेकर रौनापार शाहिद तिराहे तक जा रहे थे। बीच में ही थानाध्यक्ष रौनापार नवल किशोर सिंह पहुंच गए और उन्हें रोक दिया। रोकने पर सपा कार्यकर्ताओं, नेताओं और पुलिस में नोकझोंक शुरू हुई। महा प्रधान सूर्यभान यादव, महा प्रधान शिव सागर यादव, विधानसभा अध्यक्ष राम दरस यादव, संतोष पटेल, उधम सिंह राठौर, हेमंत पटेल आदि सैकड़ों नेता इस कैंडिल मार्च में शामिल थे। वहीं दूसरी तरफ बाल्मीकि समाज से कुर्बान आजमी, विनोद साहनी, आमीन आदि के नेतृत्व में बैरहवा नई बस्ती से अंबेडकर पार्क तक कैंडल मार्च निकालकर वहां सभा करते हुए शासन प्रशासन के विरुद्ध अपना रोष प्रकट किया गया। लगभग आधे घंटे तक पुलिस और जनता के बीच कहासुनी होती रही। पुलिस एक तरफ जाती थी तो दूसरी तरफ से मार्च लेकर लोग निकल पड़तेे। पुलिस बेबस बनी रही। बैरहवा नई बस्ती, अराजी देवारा नैनिजोर, खरेलिया ढाला होते हुए रौनापार अंबेडकर पार्क तक सैकड़ों की संख्या में कैंडिल मार्च लेकर लोग पहुंचे और सरकार के खिलाफ जहर उगला। लोगों ने कहा कि उप्र सरकार में गुंडागर्दी, अराजकता, बलात्कार, भ्रष्टाचार चरम पर है। नेताओं ने कहा कि हाथरस में जो घटना हुई इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। सरकार मौन साधे हुई है और कुछ कर नहीं सकती जो बेटियों की रक्षा नहीं कर सकता महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकता वह कुछ नहीं कर सकता है।
रौनापार के अंबेडकर पार्क में हाथरस मामले को लेकर प्रदर्शन करते वाल्मीकि समाज के लोग।- फोटो : AZAMGARH