आजमगढ़। जीवित्पुत्रिका का पर्व सोमवार को जिले में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पूरे दिन महिलाओं ने निराजल व्रत रखा। सुबह मछली का दर्शन कर दान दिया। शाम को गाजे-बाजे के साथ मंदिरों, घाटों पर पहुंच महिलाओं ने पूजन-अर्चन कर अपने लाडलों की लंबी उम्र की कामना की।
जीवित्पुत्रिका का पर्व सोमवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। सुबह गलियों में बर्तनों में मछलियां लिए बच्चे घूम रहे थे और दर्शन की पुकार लगा रहे थे। महिलाओं ने भोर में उठकर मछलियों का दर्शन कर दान दिया। इसके बाद घर की साफ-सफाई कर नहा-धोकर पूरे दिन निराजल व्रत रहीं। शाम होते ही हाथों में पूजन की थाली लिए महिलाएं गाजे-बाजे के साथ नगर के गौरीशंकर घाट, सिधारी घाट, अनंतपुरा स्थित गायत्री माता मंदिर सहित तालाबों, पोखरों के किनारे पहुंची। जहां उन्होंने जीवित्पुत्रिका व्रत कथा का श्रवण किया और विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना की। महिलाएं अगले दिन व्रत का पारण करेंगी। मालटारी संवाददाता के अनुसार सगड़ी तहसील के बोझिया गांव में एक जगह महिलाएं एकत्र हुई। पूजन-अर्चन कर कथा का श्रवण किया। लालगंज संवाददाता के अनुसार कस्बा लालगंज, देवगांव, गोसाई की बाजार, खनियरा, कैथीशंकरपुर, अमिलिया, चंदेवरा, मसीरपुर आदि गांवों में अपने पुत्रों की लंबी उम्र के लिए माताओं ने निराजल व्रत रखा। मेजवां संवाददाता के अनुसार फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में पुत्रों के दीर्घायु के लिए महिलाएं दिन भर महिलाओं ने निराजल व्रत रखा।