फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: कहीं गाड़ी चला रहे तो कहीं ऑपरेटर का काम कर रहे सफाईकर्मी

विज्ञापन
21 सठियाव ब्लॉक में कार्य करते सफाई कर्मी। संवाद
विज्ञापन
आजमगढ़। पंचायती राज विभाग के जिन सफाईकर्मियों को गांवों में स्वच्छता के अभियानों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी है। उनमें से एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों सफाईकर्मी विभिन्न विभागों में साहब की चाकरी कर रहे हैं।
विज्ञापन

कोई विकास विभाग में आलाधिकारी का निजी वाहन चला रहा है तो कोई ब्लाॅक कार्यालय तो विकास भवन में बाबूगिरी कर रहा तो कोई कंप्यूटर आपरेटर है। किसी सफाईकर्मी से गोशाला में काम लिया जा रहा है।
शासन का निर्देश है कि प्रत्येक सफाईकर्मी की तैनाती गांवों में सुनिश्चित की जाए। यदि वे किसी अन्य स्थान पर नियोजित होंगे तो इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व डीपीआरओ का होगा। राजस्व ग्राम में उपस्थिति के आधार पर ही वेतन का भुगतान करें। लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

नतीजा जनपद के कई गांवों में गंदगी फैली हुई। हर ब्लॉक का यही हाल है। इन गांवों में सफाईकर्मी तो हैं लेकिन वह ब्लाॅकों या किसी न किसी विभाग में अटैच हैं। गांवों में गंदगी भी पसरी है।
यदि देखा जाए तो करीब 500 सफाईकर्मी ब्लाॅक से लगायत जिला मुख्यालय पर अलग-अलग विभागों में तैनात हैं। ऐसे में साफ है कि सफाईकर्मी जब यहां होंगे तो गांव में गंदगी रहेगी ही रहेगी।
डीपीआरओ कार्यालय में 10 से अधिक सफाईकर्मी

जिस विभाग के जिम्मे सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाना है। उनके कार्यालय में खुद 10 से अधिक सफाईकर्मी ही कार्य कर रहे हैं। कोई कंप्यूटर ऑपरेटर तो कोई डाक ले आने और ले जाने का कार्य करता है। सठियांव ब्लॉक में भी सफाईकर्मियों की तैनाती : सठियांव ब्लाॅक में भी सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। ब्लाॅक में कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर बाबू तक कार्य करते हैं। यहां ज्यादातर सफाईकर्मी ही कार्य करते हैं।पीडी के यहां भी सफाईकर्मी तैनात : विकास भवन में परियोजना निदेशक का कार्यालय है। उस कार्यालय में भी सफाईकर्मी की तैनाती है। वह हर समय दरवाजे के बाहर ही बैठा रहता है। साहब की चाकरी करता है।
विभागों में कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में आजमगढ़ ही नहीं अन्य जिलों में भी सफाईकर्मियों से ही काम लिया जा रहा है। यदि सफाईकर्मी न रहे तो विभाग का काम नहीं होगा। फिलहाल इसपर विचार चल राह है कि जहां सफाईकर्मी बेवजह या फिर अधिक संख्या में तैनात हैं उन्हें गांवों में लगाया जाएगा। इसपर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। - पवन कुमार, डीपीआरओ आजमगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें