आजमगढ़। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सरकार ने एक पेड़ मां के नाम अभियान चलाया। पौधों को लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। इसके तहत वन विभाग ने जिले में 60 लाख पौधरोपण करने का दावा किया। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग का कहना है कि अभियान के तहत सभी पौधे सही ढंग से लगाए गए और उनकी देखरेख की जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से उलट है। लोगों की संवेदना जगाकर जिम्मेदार खुद संवेदनहीन बने हुए हैं। कहीं पौधों को फेंक दिया गया है तो कहीं पौधों को लगाने के बाद उनमें पानी तक नहीं डाला गया है। कहीं अभी तक पौधों को लगाया भी नहीं गया है।
मलिक हुसैनपुर में फेंके मिले पौधे, पीले पड़ गए पत्ते
रानी की सराय ब्लॉक के मलिक हुसैनपुर गांव में जांच के दौरान कई पौधे अब तक लगाए ही नहीं गए हैं और उन्हें इधर-उधर फेंक दिया गया है। इनमें से कई पौधे सूखकर पीले पड़ चुके हैं। ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव ने बताया कि गांव को 1500 पौधे दिए गए थे, जिसमें 800 पौधे लगाए जा चुके हैं, शेष 700 पौधों को जल्द लगाया जाएगा। ब्लॉक क्षेत्र की 81 ग्रामसभाओं में 1.25 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य था। विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सभी पौधे लगा दिए गए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर पौधों की सिंचाई और सुरक्षा के लिए न तो ट्री गार्ड लगाए गए और न ही बांस की फंटी लगाई गई है। न ही उनमें पानी दिया गया, इसके कारण पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
चार दिन में ही सूख गए अधिकांश पौधे
पवई क्षेत्र में 9 जुलाई को किए गए पौधरोपण के बाद सिर्फ चार दिन में अधिकांश पौधे सूख गए। गांव के बाहर अंत्येष्टि स्थल पर लगाए गए पौधों की पत्तियां सूखकर झड़ने लगी हैं। आरोप है कि गड्ढा खोदने और खाद डालने की प्रक्रिया को भी नजरअंदाज किया गया। साथ ही लगाने के बाद इसमें किसी ने पानी नहीं डाला।
अहरौला में पशुओं का निवाला बन रहे पौधे
अहरौला क्षेत्र में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां सीएचसी परिसर में नीम, शीशम, सागौन, आम और अमरूद जैसे पौधे तो लगाए गए लेकिन उनके सिंचाई और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया। एक सप्ताह बाद ही अधिकांश पौधे सूख गए या मवेशियों का निवाला बन गए। वहीं कुछ पौधे तो अभी लगाए ही नहीं गए और रखे-रखे सूख रहे हैं।
बोले जिम्मेदार
रानी की सराय मनरेगा एपीओ अजीत सिंह ने कहा कि ब्लॉक को मिले 1.25 लाख पौधे लगा दिए गए हैं। पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम प्रधानों को दी गई है। अगर किसी गांव में पौधे फेंके गए हैं या सूख गए हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अहरौला के क्षेत्रीय वन रेंजर ज्ञानप्रकाश वर्मा ने बताया कि रेंज में 1,42,400 पौधे लगाए गए हैं और लगभग 4-5 हजार पौधों की देखरेख के लिए डेली वेज पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं।