श्रीनगर के उरी में शुक्रवार को आतंकी हमले में शहीद पन्ना लाल
यादव आजमगढ़ जिले के थे। उनके शहीद होने की सूचना घरवालों को मिली तो
परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लग गया।
पन्ना लाल यादव का
पार्थिव शरीर रविवार को उनके गांव लाया जाएगा। जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने
बताया कि रविवार को शहीद के गांव में श्रद्धांजलि सभा के बाद अंत्येष्टि की
जाएगी।
श्रीनगर के उरी सेक्टर में शहीद पन्ना लाल यादव जिले के मेहनगर
थानाक्षेत्र के महुलिया के निवासी थे। वह थल सेना की आर्टिलरी विंग से
जुड़े थे। वर्तमान समय में उसकी यूनिट 31 बटालियन श्रीनगर के उरी सेक्टर
में तैनात थी।
शुक्रवार को सुबह आतंकियों के हमले में पन्ना लाल यादव और
पांच साथी शहीद हो गए थे। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को शुक्रवार की शाम
हुई। बताया जाता है 31 बटालियन से शुक्रवार की शाम छह बजे फोन आया।
फोन
करनेवाले ने शहीद पन्नालाल की पत्नी नीरा देवी को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पन्ना लाल के पिता कोदई यादव, पत्नी नीरा यादव, मां कुंती
देवी और दो भाई रामअवतार और चंद्रकेश रोने लगे।
गांव के लोगों की भीड़ जमा
हो गई। पन्ना लाल का पांच वर्षीय पुत्र रितिक, तीन वर्षीय रितेश भी बिलखने
लगा। शहीद पन्नालाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनका जन्म पांच जुलाई
1979 को हुआ था।
वर्ष 2005 में तरवां थानाक्षेत्र के भुवालपुर गांव निवासी
नीरा देवी से उनकी शादी हुई थी। वर्ष 2000 में इंटर पास करने के बाद वह
हैदराबाद आर्मी में चुने गए थे। ट्रेनिंग के बाद पहली तैनाती श्रीनगर में
हुई थी।
‘का हो, वादा भुला गईला न’
आजमगढ़। पन्ना
लाल यादव के शहीद होने की सूचना मिलते ही पत्नी नीरा यादव बेहोश होकर गिर
गई। शनिवार को पति के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रही नीरा होश आने
पर सिर्फ दो शब्द बोल रही थी, ‘का हो, वादा भुला गईला न’।
बाद में पता चला
कि शहीद पन्ना लाल ने अपनी पत्नी नीरा यादव, पुत्र, पुत्री के साथ माता
पिता से जनवरी में आने का वादा किया था।