आजमगढ़। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए नामांकन के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश जारी है। लेकिन नामांकन के पहले दिन शहर से लेकर गांव तक नामांकन के दौरान लोगों द्वारा जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। लाइन में लगे बहुत से लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया था। इस दौरान सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मी भी बिना मास्क के नजर आए।
जनपद में तेजी से कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। जिले में एक्टिव केसों की संख्या 500 के करीब पहुंच चुकी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आयोग की ओर से जो गाइड लाइन जारी की गई है। उसमें सभी को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने का निर्देश दिया गया है। गाइडलाइन के अनुसार नामांकन केंद्रों पर गोले तो बनाए गए हैं लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण गोले का कोई मतलब नजर नहीं आया। सुबह आठ बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे। भीड़ अधिक होने के कारण लोग एक दूसरे के ऊपर पर चढ़े हुए थे।
मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मी भी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की बजाए उनसे लाइन लगवाने में मशगूल था। इस दौरान लाइन में लगे बहुत से लोग मास्क भी नहीं लगाए हुए थे। पूरे नामांकन केंद्र पर कहीं भी सैनिटाइजर आदि की कोई व्यवस्था नहीं नजर आई। जिसके कारण बिना हाथ साफ किए ही नामांकन करने के लिए अंदर जा रहे थे। वहीं सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी भी मास्क नहीं लगाए हुए थे।
माइक लेकर लोगों को चौराहे से हटाने में जुटे रहे कोतवाल
आजमगढ़। नामांकन के दौरान प्रत्याशियों के साथ आने वाले समर्थकों को चौराहे से आगे नहीं जाने दिया जा रहा था। कलेक्ट्रेट चौराहे पर ही समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। तभी वहां नगर कोतवाल केके गुप्ता हमराहियों के साथ पहुंचे। उन्होंने उन्होंने हाथ में माइक लिया और लोगों को वहां से हटने की अपील करते रहे। इस दौरान जो भी सड़कों के किनारे खड़ा नजर आया उसे वहां से हटाया।
भीड़ को देख ठेले पर सज गई थी कई दुकानें
आजमगढ़। भीषण गर्मी के बीच नामांकन के लिए लोग कलेक्ट्रेट पहुंच रहे थे। लोगों की भीड़ के चलते वहां मेले जैसा माहौल हो गया था। लोगों की भीड़ को देखते हुए ठंडे पेय पदार्थों और खीरा, ककड़ी आदि दुकानें वहां सज गई थी। जिन पर खड़े होकर लोग अपने गले को तर कर रहे थे।
दूसरे रास्ते की तलाश में जुटे रहे समर्थक
आजमगढ़। नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के दक्षिणी गेट से नामांकन करने वालों और उनके प्रस्तावकों को अंदर भेजा जा रहा था। जबकि समर्थकों को कलेक्ट्रेट चौराहे से आगे नहीं जाने दिया जा रहा था। लेकिन प्रस्तावक नामांकन स्थल तक जाने के लिए दूसरे रास्ते की तलाश करते नजर आए। कई अपने इस प्रयास में सफल भी हुए और नामांकन कक्ष तक पहुंच गए।
पुलिस के साथ पीएसी की भी रही तैनाती
आजमगढ़। नामांकन के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद नजर आए। कलेक्ट्रेट जाने वाले हर रास्ते को पहले ही बैरिकेडिंग से बंद कर दिया गया था। इसके साथ ही हर रास्ते पर पुलिस की व्यापक व्यवस्था की गई थी। महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था। इसके अलावा पीएसी के जवानों की भी तैनाती की गई थी।