आजमगढ़। डीएम नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला वेटलैंड समिति एवं जिला पौधरोपण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के पर्यावरणीय विकास, जल संरक्षण और पौधरोपण से संबंधित विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त, मनरेगा ने जानकारी दी कि जिले के 13 विकास खंडों में 200 से अधिक ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटी नदियों के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसमें छोटी सरयू नदी (79.29 किमी), कुंवर नदी (97 किमी), मंझुई नदी (38 किमी), सिलनी नदी (23.5 किमी), भैंसही नदी (29 किमी) शामिल हैं। इन नदियों की सफाई के साथ-साथ जुलाई 2025 तक इनके किनारे पौधरोपण किया जाएगा। सिंचाई विभाग तकनीकी परामर्श देगा, जबकि सामाजिक वानिकी प्रभाग पौधरोपण के लिए उपयुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
बैठक में नगर पालिका को निर्देश दिए गए कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करें और बायोरेमेडिएशन कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। जिले में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे मार्च 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। घरों से सीवेज लाइन जोड़ने का कार्य जारी है। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन को नियमित किया जाए। जिले में वेटलैंड्स का सीमांकन कर उनके प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने के प्रयास किए जाएं, जिससे जल स्तर बनाए रखने में मदद मिले। माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा पीएम श्री विद्यालयों और ग्रामीण खेल मैदानों में पाैधरोपण किया जाएगा। पंचायती राज विभाग सभी ग्राम प्रधानों की कार्यशाला आयोजित कर पौधरोपण योजना को प्रभावी बनाया जाए। गोशालाओं में चिह्नित भूमि पर भी पौधरोपण किया जाएगा। बैठक में सीडीओ परिक्षित खटाना, प्रभागीय निदेशक गंगा दत्त मिश्र, एसीएमओ डॉ. यूएस पांडेय, अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव, सीओ सिटी गौरव शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।