गरीब बेघरों के लिए अच्छी खबर है। शासन ने मुख्यमंत्री आवास योजना का लक्ष्य बढ़ा दिया है। 1889 नए सीएम आवास का लक्ष्य मिला है। डीआरडीए नए आवासों के लिए पात्रों का चयन कर शुरू कराने और अधूरे आवासों को पूरा कराने में जुटा है। योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 1400 दिव्यांगजनों को आवास मुहैया कराए जाएंगे। इससे झुग्गी-झोपड़ी में जीवन काट रहे लोगों को सहूलियत मिलेगी।
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा, दिव्यागंजन, कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवार को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि लाभार्थियों को निर्धारित अवधि के अंदर आवास का निर्माण कराना होता है। ग्राम पंचायत सचिव व ब्लाक के अधिकारियों को आवास निर्माण की प्रगति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पैसा लेकर आवास निर्माण में आनाकानी करने वाले लाभार्थियों के खिलाफ विभाग कार्रवाई भी करता है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही पैसे की रिकवरी भी की जाती है। नए लक्ष्य में 1889 आवास गरीबों को दिए जाएंगे। शासन से लक्ष्य आवंटित होने के बाद विभाग आवासों के लिए पात्रों का चयन कर निर्माण शुरू कराने में जुट गया है। वहीं पुराने लक्ष्य वाले निर्माणाधीन आवासों को जल्द पूरा कराने की चुनौती भी बढ़ गई है। अब तक करीब पांच हजार लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा चुका है।
कोट
शासन से मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का नया लक्ष्य मिला है। इसके मुकाबले 595 लोगों का आवास स्वीकृत भी हो चुका है। वहीं इस लक्ष्य में 1400 दिव्यांगों को आवास देने का लक्ष्य मिला है। आवास आवंटन में उन्हें प्रमुखता दी जा रही है। कुल 1889 आवास का लक्ष्य निर्धारित है। -अखिलेश तिवारी, परियोजना निदेशक आजमगढ़।