अपने-अपने जनपद में सड़कों की जांच करा कर गड्ढामुक्त किए जाने योग्य सड़कों का विवरण जल्द उपलब्ध कराएं। जिससे समय से सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जा सके। सबसे पहले जनपद मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़कों को गड्ढामुक्त करें। उक्त निर्देश मंडलायुक्त मनीष चौहान ने बृहस्पतिवार को कार्यालय सभागार में आयोजित सर्वोच्च विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की मंडलीय समीक्षा बैठक में दिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि गड्ढामुक्त किए जाने योग्य कोई भी सड़क छूटनी नहीं चाहिए। कार्य मानक के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के अंदर होना चाहिए। मुख्यमन्त्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना की समीक्षा में पाया कि अब तक जनपद आजमगढ़ में लक्ष्य 2800 के सापेक्ष 2825, मऊ में 582 के सापेक्ष 243 एवं बलिया में 866 के सापेक्ष 437 गोवंश को पशुपालकों द्वारा संरक्षित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि मऊ एवं बलिया में किसानों को इस के लिए प्रेरित किया जाय।
नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने तथा सिंचाई से संबंधित अन्य बिन्दुओं की जानकारी देने के लिए अधीक्षण अभियंता सिंचाई बैठक में उपस्थित नहीं थे, जिस पर मंडलायुक्त ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा के दौना संभागीय खाद्य नियंत्रक को निर्देश दिया कि राइस मिलों का रजिस्ट्रेशन शीघ्र कर लें। क्रय केन्द्रों के सम्बन्ध में संभागीय खाद्य नियन्त्रक द्वारा बताया गया कि जो भी क्रय केन्द्र खुलने हैं वह अनुमोदित हो गये हैं। मंडलायुक्त ने तीनों जनपद के जिलाधिकारियों से कहा कि गत वर्ष में जितने क्रय केन्द्र खुले थे उतने क्रय केन्द्र अवश्य खुलवाएं।
इस दौरान डीएम आजमगढ़ विशाल भारद्वाज, मऊ अरुण कुमार, बलिया रवींद्र कुमार, अपर आयुक्त केके अवस्थी, सीडीओ आजमगढ़ श्रीप्रकाश गुप्ता, मऊ प्रशांत नागर, बलिया प्रवीण वर्मा, संयुक्त विकास आयुक्त एमएन पांडेय आदि उपस्थित थे।