यूपी एसटीएफ वाराणसी यूनिट की टीम ने पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख के इनामी अरविंद कश्यप को शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी पंजाब के लुधियाना शहर के डाबा क्षेत्र से की गई है।
हत्याकांड में शामिल अरविंद फरार चल रहा था।
पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू 19 जुलाई 2013 की सुबह अपने मित्र भरत राय के साथ जीयनपुर कोतवाली गए थे। वहां वह तत्कालीन कोतवाल विजय सिंह से मिलने के बाद पैदल लौट रहे थे। जीयनपुर चौक पर दुकान पर खड़े होकर चाय पीने के बाद जैसे ही आवास की तरफ बढ़े थे, बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके साथ मित्र भरत राय की भी हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों और पुलिस में झड़प हुई थी। पुलिस वाहनों के साथ ही कई ट्रकों को फूंक दिया गया था। कई लोग घायल हुए थे और अस्पताल में तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई थी।
मामले में पूर्व विधायक के बड़े भाई संतोष सिंह टीपू ने अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह समेत उसके गिरोह के 13 लोगों को नामजद किया था। इसमें अरविंद कश्यप निवासी चकिया कसरावल थाना मेंहनगर भी शामिल है। हत्याकांड में नामजद कुंटू सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लगभग नौ साल तक चले मुकदमे के बाद कुंटू सिंह समेत सात लोगों को कोर्ट ने 17 मई 2022 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सभी आरोपी जेल में हैं। फरार चल रहे अरविंद पर एक लाख का इनाम भी घोषित थी। उसे यूपी एसटीएफ की वाराणसी यूनिट ने पंजाब के लुधियाना जिले के डाबा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। वह वहां भेष बदल कर रह रहा था। एसटीएफ उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने में जुटी है।
वर्ष 2007 में सीपू सिंह बने थे सपा विधायक
आजमगढ़। सर्वेश सिंह सीपू वर्ष 2007 में सगड़ी विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। जिस समय उनकी हत्या हुई थी, उस समय वह बसपा में थे। 2012 का विस चुनाव उन्होंने बसपा के टिकट पर आजमगढ़ सदर सीट से व उनके बड़े भाई संतोष सिंह उर्फ टीपू सिंह ने सगड़ी सीट से लड़ा था। दोनों ही हार गए थे। 2017 में पूर्व विधायक की पत्नी वंदना सिंह ने बसपा के टिकट पर सगड़ी सीट से चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचीं। वर्ष 2022 के चुनाव के पूर्व ही वह बसपा छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गईं। पार्टी ने उन्हें टिकट भी दिया लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
नामजद आरोपियों में ये थे शामिल
आजमगढ़। सीपू हत्याकांड में ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के अलावा मृत्युंजय, गिरधारी, दिनेश, शिवप्रकाश, राजेंद्र यादव, दुर्ग विजय, संग्राम सिंह, रिजवान, विजय, अरविंद कश्यप, अभिषेक व एक नाबालिग को नामजद किया गया था। 17 मई 2022 को कुंटू, दिनेश, म़त्युंजय, शिवप्रकाश, राजेंद्र, दुर्गविजय व संग्राम सिंह को कोर्ट ने उम्रकैद के साथ ही 50-50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी। गिरधारी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया तो रिजवान, विजय व अभिषेक को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा। नाबालिग आरोपी का केस बाल न्यायालय में भेज दिया गया।