ठेकमा। विगत दो माह के कोरोना काल में जनपद में शायद ही कोई घर बचा हो जिसमें कोई न कोई कोरोना से संक्रमित न हुआ हो। जनपद में कुछ गांवों में कोरोना ने ऐसा कहर बरपाया कि आज भी उसके सदमे से गांव के लोग उबर नहीं पाए हैं। ठेकमा विकास खंड का मुड़हर गांव भी इससे अछूता नहीं रहा। इस गांव में अब तक दो सगे भाइयों सहित कुल 24 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसके कारण गांव के लोग आज भी सहमे हुए हैं।
ठेकमा विकास खंड में कोरोना काल में सबसे अधिक मौतें मुड़हर गांव में हुई है। गांव में अब तक इंदु (53), हीरालाल (56), बृजराज सरोज (45), आशा राय (28), पवन गुप्ता (45), अवनीश राय (50), रविंद्र राय (28), वंदना जायसवाल (40), सुभाष तिवारी (70), फौजदार तिवारी (48), अशोक तिवारी (58), ज्ञानी (54), अखिलेश राय (54), शिवशंकर तिवारी (46), बोधई राम (48), सावित्री (58), सुदामा (56), सुरेंद्र राम (54), बलदेव (62), मेवाती (58), सैफुल्ला (59), तिलेसर (53), कौशल्या (52), रामप्यारे यादव पंचायत चुनाव के बाद काल के गाल में समा चुुके हैं। गांव में प्रतिदिन मृत्यु होने से लोगों में दहशत फैल गई। लोग जहां एक दूसरे से मिलने से कतराने लगे हैं। वहीं दूसरे गांव के लोग इस गांव में आने से डरने लगे हैं। यहां तक कि किसी के घर कोई रिश्तेदार भी नहीं आ रहा है। भूत पूर्व प्रधान पति राहुल यादव व प्रधान अजय कुमार सरोज व गांव के लोगों ने ब्लाक कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर लोगों के बीच जाकर दवा से लेकर उनकी हर जरूरत को पूरा करने की कोशिश की। जिसका परिणाम है कि अब गांव में मौतों पर विराम लगा है।
शुरुआत के दौर में तो कोई टेस्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं किया गया। लेकिन जैसे पता चला कि इस गांव में काफी लोगों की मृत्यु हो रही है तो इस गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई। प्रशासन द्वारा गांव में सैनिटाइजेशन कराया गया। वहीं जरूरतमंद लोगों की समाजसेवियों ने मदद की।
अजय कुमार सरोज, ग्राम प्रधान।