आजमगढ़। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार विट्ठल घाट में सिख समाज ने जिला प्रशासन की उदासीनता और गलत रिपोर्ट के आधार पर गुरुद्वारा परिसर की भूमि से अवैध कब्जा न हटाए जाने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में श्री गुरु तेग बहादुर जयंती (404वीं) नहीं मनाने का निर्णय लिया।
यह निर्णय सिख समुदाय की ओर से प्रशासन के खिलाफ असंतोष और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोपों के बीच लिया गया।
संगत के प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने गलत तथ्यों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की, जिसके कारण गुरुद्वारा परिसर की भूमि पर अवैध कब्जा हटाने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
समिति का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती और विपक्षी भू-माफियाओं का पक्ष लेते हुए संतोषजनक कदम नहीं उठाए। गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताया कि यह विवाद अदालत में भी चल रहा है और सिख समाज ने इस कानूनी लड़ाई में जीत भी हासिल की थी, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता के कारण कब्जा अब तक नहीं हट सका।
गलत रिपोर्ट और भू-माफियाओं को संरक्षण देने की नीति ने सिख समुदाय को आहत किया है। इसलिए, हमने श्री गुरु तेग बहादुर जयंती को न मनाने का निर्णय लिया, ताकि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दे।