आजमगढ़। भगवान श्री राम के प्रिय सखा और खेवनहार निषाद राज की जयंती पर शनिवार को केवट समाज ने हरिऔध कला केंद्र में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। इस दौरान निषाद समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला गया और समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जनपद में कई दशकों से रखी निषाद राज की प्रतिमा की स्थापना में देरी को लेकर वक्ताओं ने गहरा रोष और अफसोस जताया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि विधानसभा प्रत्याशी अतरौलिया कन्हैया निषाद, भास्कर निषाद, हरिगेंद्र राम निषाद, ब्लॉक प्रमुख कोपागंज जयप्रकाश निषाद और नगर पंचायत अध्यक्ष अजमतगढ़ अजय साहनी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय निषाद और संचालन राकेश निषाद और रामाश्रय निषाद ने किया।
वक्ताओं ने निषाद राज के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभु श्री राम को वनवास के दौरान माता सीता और लक्ष्मण के साथ निषाद राज ने अपनी नाव से गंगा पार करवाया था। श्रृंगवेरपुर के राजा निषाद राज के साथ श्री राम ने पहली रात बिताई और उन्हें अपना मित्र बनाकर गले लगाया, जिससे तत्कालीन सामाजिक मान्यताओं को चुनौती दी गई। वक्ताओं ने अफसोस जताया कि जिन निषाद राज की सुधि प्रभु श्री राम ने ली, वह समाज आज भी उपेक्षित है।
कार्यक्रम में निषाद राज की प्रतिमा की स्थापना में देरी को लेकर समाज ने नाराजगी व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि जनपद में यह प्रतिमा दशकों से रखी हुई है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक इसकी स्थापना नहीं की गई, जो समाज के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
समारोह में मुखराम निषाद, चंदन निषाद, मनोज निषाद, सनी निषाद, सुधीर निषाद, चंद्रमा निषाद, रघुवीर निषाद, सुरेंद्र निषाद, बालकिशन निषाद, बहादुर निषाद, भोला निषाद, दीपक निषाद, रंजीत निषाद आदि उपस्थित थे।