आजमगढ़। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा संचालित जिला गंगा समिति, सामाजिक वानिकी विभाग एवं राजकीय पॉलिटेक्निक के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें दो दिनों तक नदियों के संरक्षण के लिए प्लास्टिक उन्मूलन एवं अपशिष्ट प्रबंधन के विषय पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में छात्रों को विषय विशेषज्ञ के रूप में राजकीय पॉलिटेक्निक के शिक्षक एवं जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक इंजीनियर कुलभूषण सिंह ने समाधान के संबंध में री-यूज सिद्धांत के तहत वेस्ट पॉलिथीन और प्लास्टिक बॉटल से ईको ब्रिक बनाना, कोल्ड ड्रिंक और ग्लूकोज बॉटल से ड्रिप इरिगेशन किट बनाना, यूटिलिटी बॉक्स बनाना सिखाया। कार्यशाला में नदियों की स्वच्छता के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन एवं अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में 45 छात्र-छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रवक्ता डाॅ. रागिनी यादव, श्रुति सिंह, अरविंद यादव, रजनीश मिश्र, सूर्य प्रताप सिंह एवं नवीन नारायण सिंह उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में श्रेया प्रजापति (प्रथम वर्ष इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग) को प्रथम पुरस्कार, संजना गोड़ (द्वितीय वर्ष इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) को द्वितीय पुरस्कार एवं खुशी प्रजापति (द्वितीय वर्ष सिविल इंजीनियरिंग) को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। संस्था के प्रभारी प्रधानाचार्य बृजेश कुमार मिश्र द्वारा विजेता छात्राओं को मेडल एवं पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को गंगा शपथ दिलाने के बाद पौधरोपण किया गया।
इस मौके पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ततहीर अहमद, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेन्द्र नाथ त्रिपाठी, जेआरएफ अमित यादव एवं डीपीओ जिला गंगा समिति प्रखर त्रिपाठी द्वारा किया गया।