आजमगढ़। तरवां विकास खंड के भीटी गांव निवासी शीला देवी पत्नी लालजी कुशवाहा ने पूर्व प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। जांच में 7,47,235 रुपये की अनियमितता मिलने पर डीएम ने ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। साथ ही गांव के तत्कालीन सचिव के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया है।
जांच में पाया गया कि करूआडीह बाबा के पास से बेसो नदी पर छलका पुल निर्माण में स्थानीय लोगों ने चंदा दिया लेकिन इसका कोई साक्ष्य नहीं मिला कि चंदे में कितनी धनराशि प्राप्त हुई। इसमें प्रधान ने एक लाख 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया है लेकिन मूल्यांकन में 65,500 रुपये आया। इस तरह कुल 1,05,600 रुपये का अधिक भुगतान किया गया है। इसके लिए ग्राम प्रधान और सचिव संतोष कुमार सिंह को दोषी ठहराया। 38 मीटर खड़ंजा बिछाने में 1,35,000 रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि मूल्यांकन में 21,900 रुपये व्यय होना प्रदर्शित हुआ। इसके लिए टीम ने ग्राम प्रधान और सचिव संतोष कुमार सिंह को दोषी ठहराया। वहीं एक और खड़ंजा निर्माण विधायक निधि से हुआ है। जबकि मस्टरोल में दर्ज मजदूर रामचंदर ने बताया कि मेरे द्वारा इस पर कार्य नहीं किया गया है। बगैर कार्य कराए ही 2,52,496 रुपये आहरित कर लिए गए। इसके लिए टीम ने ग्राम प्रधान केदारनाथ यादव और सचिव संतोष कुमार सिंह को दोषी ठहराया। इसी तरह से कई कार्यों में जांच टीम ने गड़बड़ी पाई। 7,47,235 रुपये का दुरुपयोग किया गया। इसके लिए टीम ने संबंधित सचिव संतोष कुमार सिंह और ग्राम प्रधान केदार नाथ यादव को दोषी पाया। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में जवाब मांगा है। जवाब न देने की दशा में भूराजस्व की भांति वसूली करने की चेतावनी दी है। वहीं डीएम ने डीपीआरओ को निर्देशित किया है। कि वह संबंधित सचिव के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करें।