किसानों सहित जन समस्याओं के विरोध में रविवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अहरौला तिराहे पर जामकर धरना दिया। भाकपा के जाम के समर्थन में बाजार के दूकानदारों ने दूकानें बंद रखी। सुबह आठ बजे से लगे जाम के चलते आवागमन ठप रहा। जाम की सूचना पाकर दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बूढ़नपुर को राज्यपाल और प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। आश्वासन के बाद आवागमन बहाल हुआ।
जिला पंचायत सदस्य त्रिलोकी नाथ ने कहा कि किसानों को खेतों की सिंचाई करने के लिए समय से पानी नहीं मिल रहा है। गन्ना तौल केंद्रों पर घटतौली की जा रही है।
इसी क्रम में अहरौला स्थित बैंक में लोन के नाम पर गरीबों से सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। कहा कि गरीबों, किसानों के साथ हम अन्याय नहीं होने देंगे। दुर्बली राम ने कहा कि अहरौला सामुदायिक केंद्र में महिला और पुरुष डाक्टरों की कमी है। दवाओं का अभाव है।
परिसर में जगह-जगह गंदगी है। शिकायत के बाद भी विभाग मौन है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कों का बुरा हाल है। फूलवरिया तिराहा पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है। इसी प्रकार, अहरौला बाईपास नया पुल के पास सड़क धंस गई है। वक्ताओं ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं होती है तो पार्टी के लोग भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगे।
धरने को हरिप्रसाद सोनकर, जवाहर यादव, सकलदीप आदि ने संबोधित किया। इस दौरान कैलाश, रमाकांत, अशोक, बलजोर, कालिंदी, इंद्रावती, फूला, विमला, मालती, शांति आदि लोग मौजूद रहे।