सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार को स्थिर तो हो गया लेकिन सहनूपुर बंधे में लीकेज होने के कारण नदी का पानी तेजी से अंदर आने लगा है। इसकी जानकारी होने पर सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी से भरी बोरियों को डालकर इसे बंद किया गया। वहीं, जलस्तर बढ़ने और जलकुंभी का दबाव अधिक होने के कारण सहनूपुर और जोकहरा के बीच बने पुल को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
बताते चलें कि घाघरा नदी के महुला-गढ़वल बांध से सटे बदरहुआं नाला निकलता है। इस नाले पर सिंचाई विभाग द्वारा सहनूपुर बांध का निर्माण किया गया है। सहनूपुर गांव के पास पीपल के पेड़ के नीचे से बांध में लीकेज हो गया। इससे तेजी से पानी रिहायशी इलाकों में फैलने लगा। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मिट्टी से भरी बोरियों को डालकर इसे बंद किया।
वहीं, बदरहुआं नाले में जलकुंभी की मात्रा अधिक होने के कारण पानी का बहाव ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। इस कारण सहनूपुर और जोकहरा के बीच 2005 में बने पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है। जोकहरा गांव के डा. अनिल राय, शिवब्रत राय, रमेंदरनाथ राय आदि ने पुल की सुरक्षा किए जाने की मांग की है।
वहीं, महुला गढ़वल बांध के नोज नंबर तीन के पास जहदर गांव के सामने बंधे में बड़ा रैनकट हो गया है, जिसकी अभी तक मरम्मत नहीं की जा सकी है।