भाजपा उड़ी सैन्य कैंप पर आतंकी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और पांच सौ और एक हजार की नोटबंदी के केंद्र सरकार के फैसले को आम लोगों के बीच चर्चा का मुद्दा बनाए रखना चाहती है। गुरुवार को आईटीआई मैदान पर आयोजित परिवर्तन रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपना भाषण इन्हीं दोनों मुद्दों पर केंद्रित रखा। इसके जरिए शाह ने न केवल अपने वोट सहेजने और बढ़ाने की कोशिश की, बल्कि सपा, बसपा और कांग्रेस की भूमिका के लिए उन पर निशाना भी साधा।
कुल 18 मिनट के भाषण में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने यह साबित करने का प्रयास किया कि अगर प्रदेश की सपा सरकार केंद्र की विकास नीतियों पर कदम से कदम मिलाकर चलती तो प्रदेश की तस्वीर अब तक बदल गई होती। प्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री की योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि परिवर्तन यात्रा का मकसद प्रदेश का विकास करना है। यह तभी संभव होगा जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। नोटबंदी के संबंध में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इसका दुख है कि कुछ लोगों को इस फैसले से परेशानी हुई है लेकिन जख्म होने के बाद इलाज में दर्द जरूर होता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विकास कार्यों, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, सभी वर्ग के लोगों के कल्याणार्थ केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही जनधन योजना, सुकन्या योजना, फसल बीमा योजना समेत 92 से अधिक योजनाओं का जिक्र करते हुए हर वर्ग के लोगों को दिल जीतने का प्रयास किया। यही कारण रहा कि शाह के संबोधन के दौरान कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे तो कभी तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंजता रहा।