फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: इमाम हुसैन और 72 साथियों की याद में हुई शब्बेदारी

विज्ञापन
मेजवां स्थित इमामबाड़े में आयोजित शब्बेदारी में शामिल अकीदतमंद। संवाद - फोटो : credit
विज्ञापन
फूलपुर।
विज्ञापन

कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवां में बृहस्पतिवार की रात इमामबाड़े में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की याद में आयोजित शब्बेदारी में स्थानीय अंजुमन अब्बासिया के सदस्यों ने सीना-जनी करके करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मौलाना वसी मोहम्मद खान, इमाम-ए-जुमा चमावा ने तकरीर पेश की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से आयोजित हो रही शब्बेदारी आगे भी इसी तरह बड़े पैमाने पर होती रहे। उन्होंने कहा कि जनाब-ए-जैनब ने यजीद के दरबार में दिए गए खुत्बे के माध्यम से दुनिया को बताया कि इमाम हुसैन की करबला में कुर्बानी का उद्देश्य क्या था। मौलाना ने करबला के बाद अहल-ए-बैत पर हुए अत्याचारों का भी उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने जनाब-ए-सकीना से जुड़ा वाकया बयान किया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो गए। कई लोगों की आंखें नम हो गईं। रात 11 बजे तक नौहा और मातम का सिलसिला चलता रहा। इससे पहले अंजुमन मासूमिया के वसी-उल-हसन ने पेशख्वानी की। महवर, शहवर, कैफ और समर ने सोजख्वानी पेश की। वहीं, शुजात हुसैन, कैफ और समर ने तारीखी नौहे पढ़कर करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

मेजवां स्थित इमामबाड़े में आयोजित शब्बेदारी में शामिल अकीदतमंद। संवाद- फोटो : credit

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें