शहर के नरौली स्थित तमसा नदी में गिराया जा रहा मानव मल।
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आजमगढ़। जिले की पहचान तमसा नदी प्रदूषित हो चुकी है। हद तो यह कि अब इसमें शहर के घरों के शौचालयों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाला मलबा भी सीधे नदी में गिराया जा रहा है। नरौली पुल के पास सफाई के लिए प्राइवेट टैंक संचालित करने वाले खुलेआम इसे नदी में गिरा रहे हैं। नगर पालिका के अफसर इस ओर से उदासीन बने हुए हैं।
शौचालयों के सेप्टिक टैंकों की सफाई करने वाले वाहनों की इन दिनों जिले में भरमार हो चुकी है। प्रेशर मशीन से टैंक को साफ कर मैला इन वाहनों में भरा जाता है और उसे नदी में गिरा दिया जाता है। कभी इस बंधे तो कभी उस बंधे के किनारे रोजाना टैंकर वाले ऐसा मलबा गिराते हैं। ऐसा करना पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए घातक है। नियमानुसार ऐसे मलबे को गड्ढा खोदवा दबा देना चाहिए। जहां शौचालयों के टैंक का मलबा गिराया जा रहा है, वहीं से नाला बहता है। नाले के माध्यम से यह गंदगी पूरी नदी में फैल रही है। नगर पालिका के अफसरों को इसकी जरा भी चिंता नहीं है। पालिका के कर्मचारी खुद ही नरौली पुल के पास कूड़ा डाल रहे हैं।
जिले में 50 से अधिक संचालित हो रहे ऐसे वाहन
आजमगढ़। शौचालयों के टैंकों की सफाई करने वाले वाहनों की भरमार हो चुकी है। ज्यादातर वाहन बिहार के एक एनजीओ के हैं, जिनसे तमसा में गंदगी गिराई जाती है। रेलवे स्टेशन के पास इस एनजीओ का कार्यालय है। संस्था के जिला प्रतिनिधि संजय सिंह ने बताया कि जय बाबा हरिनाथ नाम के एनजीओ के माध्यम से इन वाहनों का संचालन किया जा रहा है। जिले में 50 से वाहन सेप्टिक टैंक साफ करने में लगाए गए हैं। शाहगढ़ के पास एक बीघा का प्लाट किराए पर लिया गया है, जहां इस गंदगी का निस्तारण किया जाता है। प्रतिष्ठित लोगों के कहने पर ही कभी-कभार ही नरौली पुल के पास अपशिष्ट गिराया जाता है।
हमारे संज्ञान में ऐसा नहीं है, यदि कोई प्राइवेट क्लीनिंग टैंक वाले ऐसा कर रहे है तो यह गलत है और ऐसे लोगों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि वे ऐसा करते है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
शुभनाथ प्रसाद, ईओ नगर पालिका, आजमगढ़।