क्शि स्टैंड पर लेखपालों के धरने को संबोधित करते प्रेम प्रकाश।
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आजमगढ़। शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर जनपद के लेखपाल 10 दिसंबर से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। शासन के निर्देश पर अब हड़ताली लेखपालों पर नकेल कसने की कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार को जहां फूलपुर में दो, लालगंज के तीन और निजामाबाद के दो लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं सभी तहसीलों के 780 लेखपालों को नोटिस जारी किया गया है।
उप्र लेखपाल संघ की जनपद इकाई द्वारा आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 10 दिसंबर से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल की जा रही है। उनकी मांग है कि एसीपी विसंगति, एक ही संवर्ग में 2800 ग्रेड व 4200 ग्रेड की विसंगति, वेतन उच्चीकरण प्रोननति, राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली प्राख्यायन, पेंशन विसंगति, ग्रेड पे 2800 किया जाए। लेखपालों की इस हड़ताल के चलते उनके स्तर से होने वाले सारे कार्य बाधित हैं। जिसे देखते हुए शासन ने अब कड़ा रूख इख्तियार कर लिया है। इसके क्रम में जनपद की निजामाबाद तहसील के दो, फूलपुर तहसील के दो और लालगंज तहसील के तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं जनपद की सभी तहसीलों के कुल मिलाकर 780 लेखपालों को नो वर्क नो पे का नोटिस जारी किया गया है। जिसमें सगड़ी तहसील के 126, मेंहनगर तहसील के 72, सदर तहसील के 130, बूढनपुर तहसील के 107, निजामाबाद के 92, फूलपुर तहसील के 92, लालगंज तहसील के 100 और मार्टीनगंज तहसील के 61 लेखपाल शामिल हैं। सहायक राजस्व अधिकारी प्रद्युम्र ने बताया कि सभी लेखपालों को नो वर्क नो पेंशन का नोटिस जारी किया गया है जिसमें उन्हें काम पर न लौटने की दशा में कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
आजमगढ़। एक तरफ सरकार लेखपालों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरनारत लेखपालों का धरना गुरुवार को भी कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित रिक्शा स्टैंड पर जारी रहा। जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह ने कहा कि लेखपाल अपनी जायज मांगों को लेकर काफी दिनों से आंदोलनरत हैं। इसके पूर्व यह आंदोलन तहसील मुख्यालयों पर चल रहा था लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण पूरे प्रदेश के लेखपाल संपूर्ण कार्य का बहिष्कार करते हुएकलमबंद हड़ताल पर हैं। इसके बाद 27 दिसंबर को सभी लेखपाल लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेंगे। इस मौके पर जिलामंत्री पंकज स्थाना, रामानुज श्रीवास्तव, सुनील यादव, अमित पांडेय, रामप्यारे यादव, राजबहादुर यादव, शिवशंकर सिंह आदि उपस्थित थे।