प्रधानी के चुनाव की रंजिश में हीरालाल और बेटे तेज कुमार को घर के अंदर ले जाया गया जबकि संतरा देवी और उसके दूसरे बेटे विनोद को घर के बाहर रखा गया। इसी बीच चौकी गांव के लाल बहादुर, अजय, मुसऊपुर रुद्रपुर गांव के उमेश यादव, रणजीत और उसकी मां कमली आ गई। बातचीत चल ही रही थी तभी पीछे से आए प्रदीप उर्फ दिलीप और सुरेंद्र ने हीरालाल को गोली मार दी। इससे बेटा तेज कुमार घबरा गया और घर से निकल कर भागने लगा लेकिन कमली देवी, उमेश व अजय ने उसे घेर लिया।
इसके बाद लाल बहादुर और रणजीत ने तेज कुमार को भी गोली मार दी। गोली लगने से हीरालाल उर्फ मिठाई और तेज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान फेंकू यादव का निधन हो गया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने आठ गवाह पेश किए।