बिजली के खंभे पर चढ़ा मानसिक रूप से बीमार युवक।
निर्बाध बिजली देने के प्रदेश सरकार के आदेश का बिजली विभाग पर असर नहीं नजर आ रहा है। रविवार की रात आंधी के चलते आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण रविवार की रात से सोमवार की देर रात तक बिजली गुल रही। वहीं मंगलवार की दोपहर करीब डेढ़ घंटे ही सिविल लाइन क्षेत्र में बिजली रही।
शहर में दो दिनों में महज दो घंटे बिजली मिलने से उपभोक्ता तिलमिला गए हैं। इसके चलते पेयजल का संकट पैदा हो गया है। कटौती का कारण पता करने के लिए लगातार अधिकारियों को फोन किया जाता रहा लेकिन किसी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। नगर वासियों ने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर गड़बड़ी दूर कर बिजली आपूर्ति नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
आंधी के दौरान कई कई स्थानों परतार टूट गए थे। इसके चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। सोमवार को बिजली विभाग के कर्मचारी पूरे दिन फाल्ट तलाशते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार शाम कुछ समय के लिए बिजली आई लेकिन लो वोल्टेज के कारण लोगों को कोई लाभ नहीं मिला।कुछ ही देर बाद फिर बिजली कट गई और रात भर बिजली नहीं रही। मंगलवार की दोपहर करीब दो घंटे बिजली रही फिर कट गई और देर शाम तक बिजली नहीं आई थी। दो दिनों में महज दो घंटे बिजली मिलने से क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूकानदारी प्रभावित होने के साथ ही छोटे-छोटे उद्योग धंधे ठप पड़े हुए हैं। इन दिनों मदरसों की परीक्षा चल रही है। ऐसे में बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी में लोग हवा और पानी के लिए तरस गए हैं। सुबह बिजली नहीं रहने के कारण पेयजल की समस्या पैदा हो गई है। फाल्ट के चलते कटौती की कोई पूर्व सूचना भी उपभोक्ताओं को नहीं दी गई। बिजली विभाग के अधिकारी जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं। कई बार फोन मिलने के बाद भी एसडीओ का फोन नहीं उठा। अधिशासी अभियंता धीरज सिन्हा ने बताया कि बिजली कटने का कारण पता नहीं है। पता करने के बाद ही बता सकेंगे।