आजमगढ़ के सठियांव में पंचायत चुनाव के दौरान बूथ की व्यवस्था बनाने में हुए खर्च के भुगतान के लिए एक ग्राम पंचायत अधिकारी ने शुक्रवार को सहायक विकास अधिकारी पंचायत से हाथापाई कर ली। कालर पकड़ लिया और गालियां दीं। घटना से ब्लाक परिसर में हड़कंप मच गया। समझौते का प्रयास किया गया लेकिन एडीओ पंचायत के न मानने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को घटना से अवगत करा दिया गया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान बूथों के व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपी गई थी। सठियांव ब्लाक में तैनात वीडीओ शांति शरण सिंह ने बूथों पर हुए खर्च का बिल एडीओ पंचायत सुभाष शर्मा को दिया था। शुक्रवार को सठियांव ब्लाक मुख्यालय पर एडीओ सुभाष शर्मा अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठ कर चुनाव से संबंधित काम निपटा रहे थे।
इसी दौरान वीडीओ शांति शरण सिंह उनके पास पहुंचे और बूथ व्यवस्था के तहत हुए खर्च के भुगतान की मांग की। शांति शरण सिंह ने 50 हजार रुपये की मांग की तो एडीओ ने दूसरे कार्यों में व्यस्त होने का हवाला देते हुए खर्च का ब्यौरा देखने के बाद भुगतान करने को कहा। इसी बात पर वीडीओ भड़क उठे और एडीओ से हाथापाई करने लगे।
उन्होंने उनका कालर पकड़ कर खींच लिया, जिससे उनकी शर्ट फट गई। एडीओ का आरोप है कि शांतिशरण ने गालियां भी दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद एडीओ पंचायत ने खंड विकास अधिकारी बाबूराम पाल से घटना की लिखित शिकायत की और कार्रवाई का अनुरोध किया है। समझौते के लिए ब्लाक मुख्यालय पर देर तक पंचायत होती रही लेकिन एडीओ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। समझौता न होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को घटना से अवगत करा दिया गया। इससे पहले पांच मार्च को विकास भवन में कर्मचारियों से मारपीट के आरोप में वीडीओ शांति शरण सिंह निलंबित कर दिया गया था।