परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार द्वारा तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन शिक्षकों की कार्यशैली के कारण सरकार की मंशा फलीभूत नहीं हो रही है।
बुधवार को जब अमर उजाला की टीम द्वारा हरैया स्थित प्राथमिक और जूनियर विद्यालय का जायजा लिया गया तो विद्यालय से शिक्षक और विद्यार्थी गायब मिले। विद्यालय गेट में ताला लटकता नजर आया। जबकि जिला प्रशासन द्वारा सुबह आठ बज से दोपहर एक बजे तक विद्यालय खोलने का निर्देश दिया गया। पूछने पर जूनियर हाई स्कूल हरैया के प्रधानाचार्य जयराम सिंह ने कहा कि शिक्षक आए थे। बच्चे कम थे।
इसीलिए वह गांवों में अन्य बच्चों को इकट्ठा करने गए हैं। वहीं, प्राइमरी विद्यालय में बच्चे और शिक्षक सभी गायब थे। गांव के पूर्व ग्राम प्रधान शिवविजय राय ने कहा कि हमें जानकारी नहीं है कि यह विद्यालय कब खुलता है और कब बंद होता है। इस संबंध में बीआरसी हरैया आलोक राय ने कहा कि इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है। उनके द्वारा ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए राकेश कुमार ने कहा कि सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक विद्यालय खोलने का समय निर्धारित है। अगर दोपहर 12 तक विद्यालय में ताला लटका मिला है तो यह गलत है। प्रधानाध्यापक समेत विद्यालय के सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।